Sunday, August 31, 2025

J&K विधानसभा में 370 बहाली का प्रस्ताव पास बीजेपी विधायकों का वेल में हंगामा

Must Read
Getting your Trinity Audio player ready...

श्रीनगर ,जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने राज्य के स्पेशल स्टेटस (अनुच्छेद 370) को फिर से बहाल करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। हालांकि बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया और प्रस्ताव की कॉपियां फाड़ दीं। विधायक वेल में जाकर नारेबाजी करते रहे।

BJP का आरोप था कि स्पीकर ने मंत्रियों की बैठक बुलाई और खुद ही प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया। इसके बाद विधायकों ने बेंच पर चढ़कर हंगामा किया।

इस दौरान अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने भाजपा विधायकों से कहा, “अगर आपको मुझ पर भरोसा नहीं है, तो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं।” हंगामा के चलते सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले सदन की कार्रवाई शुरू होते ही जम्मू-कश्मीर के डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी ने विशेष दर्जे को बहाल करने के लिए प्रस्ताव पेश किया, जिसे केंद्र ने 5 अगस्त, 2019 को रद्द कर दिया था।

प्रस्ताव में चौधरी ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने के लिए विधायकों से बातचीत करने को क

विधानसभा का सत्र शुरू होते ही डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने यह प्रस्ताव रखा। इसमें कहा गया, ‘राज्य के स्पेशल स्टेटस और संवैधानिक गारंटियां महत्वपूर्ण हैं। यह जम्मू-कश्मीर की पहचान, कल्चर और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा करता है। विधानसभा इसे एक तरफा हटाने पर चिंता व्यक्त करती है।

भारत सरकार राज्य के स्पेशल स्टेटस को लेकर यहां के प्रतिनिधियों से बात करे। इसकी संवैधानिक बहाली पर काम किया जाए। विधानसभा इस बात पर जोर देती है कि यह बहाली नेशनल यूनिटी और जम्मू-कश्मीर के लोगों की इच्छाओं, दोनों को ध्यान में रख कर की जाए।’ निर्दलीय विधायक शेख खुर्शीद और शब्बीर कुल्ले, पीसी प्रमुख सज्जाद लोन और पीडीपी विधायकों ने इसका समर्थन किया।

जम्मू विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा समेत भाजपा के सभी विधायकों ने प्रस्ताव का विरोध किया। शर्मा ने कहा कि उनके पास जानकारी है कि स्पीकर ने मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। वे इस दौरान स्पीकर हाय-हाय और पाकिस्तानी एजेंडा नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते रहे।

शर्मा ने यह भी पूछा कि जब LG के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है। इसके बाद उन्होंने इसकी कॉपी फाड़कर वेल में फेंक दी। हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर अब्दुर रहीम राथर ने प्रस्ताव पर वोटिंग कराई। जिसके बाद प्रस्ताव बहुमत से पास कर दिया गया।

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के स्पेशल स्टेटस को खत्म कर दिया था। इस दौरान इसे दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने मेनिफेस्टो में इसकी बहाली के प्रयास करने का वादा किया था। प्रस्ताव पास होने के बाद CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विधानसभा ने अपना काम कर दिया है।

Latest News

गरियाबंद जंगल में नक्सलियों का छुपा सामान बरामद, CRPF ने किया नष्ट

गरियाबंद। जिले में नक्सलियों की बड़ी साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल...

More Articles Like This