Saturday, February 21, 2026

कोरबा के आबकारी विभाग पर गंभीर सवाल: अवैध गुंडागर्दी और भयादोहन के आरोपों ने बढ़ाई विभाग की मुश्किलें

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कोरबा: कोरबा जिले का आबकारी अमला इन दिनों विवादों के घेरे में है। कभी उसके सेवानिवृत्त प्रधान आरक्षक पर भयादोहन के आरोप लगते हैं तो कभी उसके साथ ऐसे लोगों की मौजूदगी की शिकायत होती है, जो खुद को कानूनी अधिकारियों की तरह पेश करते हैं। हाल ही में एक और मामला उजागर हुआ है, जिसमें आबकारी विभाग की टीम पर ढाबा मालिक के साथ मारपीट और अनाधिकृत लोगों के माध्यम से धमकाने का आरोप लगाया गया है।

कटघोरा के निवासी बेन्कट रमन प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि 23 अक्टूबर को धीरज शिंदे, जो आबकारी विभाग की टीम का हिस्सा है, दो-तीन अनजान लोगों के साथ उनके भाई के ढाबे में पहुंचा। इन लोगों ने ढाबे की तलाशी ली और बाद में शराब की बोतलें पेश करते हुए यह दावा किया कि यह ढाबे की ही अवैध शराब है। इस दौरान अनधिकृत व्यक्ति ढाबा मालिक के भाई के साथ दुर्व्यवहार करते रहे और उसे शराब तस्करी का आरोप स्वीकारने के लिए धमकाने लगे।

यह मामला केवल एक घटना नहीं है। आबकारी विभाग पर कई बार ऐसे आरोप लग चुके हैं कि वह अवैध गतिविधियों को रोकने के अपने मुख्य कार्य से हटकर भयादोहन और वसूली में लगा हुआ है। वहीं, जब इस विभाग की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर आ जाती है, तो जनता में सवाल उठने लगते हैं कि क्या आबकारी अमला केवल दिखावे के लिए है?

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आबकारी अधिकारियों के साथ निजी व्यक्ति लाठी-डंडे लेकर आए थे, जो आबकारी अमले के साथ मिलकर तलाशी और धमकी देने का काम कर रहे थे। इस घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि वर्दी में अधिकारी सिर्फ दर्शक बने खड़े रहे, जबकि अनाधिकृत लोग ढाबे की तलाशी और मारपीट कर रहे थे।

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