सक्ती। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जन्म जयंती (जन्म शताब्दी वर्ष) के अवसर पर सक्ती विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति सभा का आयोजन रैंनखोल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करना और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करना रहा। सभा की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने की।
सभा में मंचस्थ अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, सक्ती विधानसभा प्रभारी राजेंद्र राजपूत, पूर्व मंत्री मेघाराम साहू, पूर्व विधायक डॉ. खिलावन साहू, अटल स्मृति सम्मेलन के विधानसभा संयोजक प्रेम पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राठौर, जिला पंचायत सदस्य आयुष शर्मा तथा अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष राजा धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
अटल जी के विचार आज भी प्रेरणास्रोत – राजेंद्र राजपूत
सभा को संबोधित करते हुए सक्ती विधानसभा प्रभारी राजेंद्र राजपूत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी एक संवेदनशील कवि, ओजस्वी वक्ता और प्रखर विचारक थे। उनकी कविताओं और भाषणों में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना और जीवन मूल्यों की स्पष्ट झलक मिलती है। उनका व्यक्तित्व आज भी देशवासियों और युवाओं को प्रेरणा देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि अटल परिसर के पास जाकर उनके विचारों का चिंतन अवश्य करें।
अटल जी का सपना आज साकार हो रहा – टिकेश्वर गबेल
जिला अध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का सपना एक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक मूल्यों से युक्त भारत का था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी उसी संकल्प को आगे बढ़ा रही है। अटल जी के विचार और आदर्श आज भी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए मार्गदर्शक हैं।
राष्ट्रनिर्माण में योगदान ही सच्ची श्रद्धांजलि – सांसद कमलेश जांगड़े
सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि अटल जी का जीवन और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा। उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
अटल जी आधुनिक भारत के महान राष्ट्रद्रष्टा – डॉ. खिलावन साहू
पूर्व विधायक डॉ. खिलावन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के महान राष्ट्रद्रष्टा थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सुशासन को समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व राजनीति में शुचिता, विचारों में स्पष्टता और व्यवहार में विनम्रता का प्रतीक था।
