जगदलपुर, 30 जनवरी 2026 | छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर मनाए जा रहे ‘रजत महोत्सव’ को बस्तर संभाग के कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग ने एक सेवा पर्व के रूप में मनाया है। राज्य शासन के वित्त विभाग के निर्देशानुसार संभाग में लंबित पेंशन और वेतन निर्धारण के पेचीदा मामलों को सुलझाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आए हैं। 23 जनवरी से 30 जनवरी तक चले इस विशेष सप्ताह, और विशेषकर अंतिम दो दिनों में आयोजित महा-शिविर के माध्यम से संभाग भर में कुल 992 लंबित प्रकरणों का सफल निष्पादन किया गया, जिससे सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है।
इस अभियान की सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि अधिकांश मामले तकनीकी खामियों, दस्तावेजों के अभाव या सेवा पुस्तिका में त्रुटियों के कारण लंबे समय से अटके हुए थे। संभागीय संयुक्त संचालक श्री कमलेश कुमार रायस्त की अध्यक्षता में विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी श्री अनिल पाठक द्वारा पूर्व में दी गई जानकारी के अनुसार, कई प्रकरणों में नाम, जन्मतिथि में भिन्नता या वारिसों के सत्यापन जैसी समस्याएं थीं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय जगदलपुर में 29 और 30 जनवरी को एक विशेष शिविर लगाया गया, जहाँ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों ने आमने-सामने बैठकर ‘ऑन-द-स्पॉट’ इन त्रुटियों को सुधारा। प्रशासन की इस सक्रियता के चलते संभाग भर से पेंशन के 189 और वेतन निर्धारण के 803 मामलों का निराकरण संभव हो सका।
जिलेवार उपलब्धियों पर नजर डालें तो शिविर में सबसे अधिक प्रकरण कांकेर और दंतेवाड़ा से निपटाए गए। कांकेर जिले से पेंशन के 28 और वेतन निर्धारण के 198 मामले सुलझाए गए, जबकि दंतेवाड़ा से पेंशन के 18 और वेतन निर्धारण के 180 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसी प्रकार बीजापुर जिले में पेंशन के 13 और वेतन निर्धारण के 172, कोण्डागांव में पेंशन के 28 और वेतन निर्धारण के 116, तथा बस्तर (जगदलपुर) जिले में पेंशन के 53 और वेतन निर्धारण के 58 मामलों का निपटारा किया गया। नारायणपुर जिले से पेंशन के 36 और वेतन निर्धारण के 57, एवं सुकमा जिले से पेंशन के 13 और वेतन निर्धारण के 22 प्रकरणों को अंतिम रूप दिया गया।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में उप संचालक श्रीमती डिम्पल नाग, सहायक संचालक सर्वश्री धनीराम खरे, रूपेश नायक, सुश्री तारणी देवांगन, मन्नुलाल यादव, एस.एन. लतीश सहित संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिला कोषालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के आपसी समन्वय से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
रजत महोत्सव की सार्थकता, बस्तर संभाग में 992 पेंशन और वेतन प्रकरणों का मौके पर हुआ निराकरण
Must Read
