कोरबा के रामपुर आईटीआई बस्ती से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबकी रूह कपा दी। एसईसीएल डीएवी स्कूल के 12वीं के छात्र उज्जवल डनसेना ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उज्जवल न केवल पढ़ाई में होनहार था, बल्कि क्लास मॉनिटर भी था।
इस किशोर की परिपक्वता देखिए—मरने से पहले छोड़े सुसाइड नोट में उसने अपनी अंतिम इच्छा जताई कि उसका शव मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए ताकि वह चिकित्सा शिक्षा के काम आ सके।
परीक्षा देने नहीं पहुंचने पर जब शिक्षक घर पहुंचे, तब इस अनहोनी का पता चला। माता-पिता को पहले ही खो चुके उज्जवल का इस तरह जाना पूरे शहर को गमगीन कर गया है।
अलविदा उज्जवल! काश, तुमने अपनी परेशानी किसी से साझा की होती
