Thursday, January 22, 2026

Women’s Cricket India: भारतीय विमेंस क्रिकेट का स्वर्ण युग: अब महिला बल्लेबाजों का लक्ष्य 300+ रन

Must Read

Women’s Cricket India नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट पिछले आठ वर्षों में एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुज़री है, जिसने टीम के प्रदर्शन, वित्तीय ढांचे और खेल के प्रति दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। एक समय था जब खिलाड़ियों को रेल का किराया अपनी जेब से भरना पड़ता था और बल्ले भी साझा करने पड़ते थे, लेकिन आज भारतीय महिला टीम न केवल बड़े स्कोर (जैसे 300 रन का लक्ष्य चेज़ करना) बनाने की क्षमता रखती है, बल्कि उन्हें पुरुष खिलाड़ियों के बराबर मैच फीस मिल रही है। इस क्रांतिकारी बदलाव में महिला प्रीमियर लीग (WPL) की भूमिका को निर्णायक माना जा रहा है।

Dularchand murder case: अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में मचा तूफ़ान

मानसिकता में बदलाव: आक्रामक खेल का मंत्र

WPL ने भारतीय खिलाड़ियों को वह मंच दिया जहाँ वे बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकती थीं। पुरानी टीम अक्सर बड़े मौकों पर दबाव में बिखर जाती थी, लेकिन वर्तमान टीम की सोच बदल चुकी है।

“WPL ने भारतीय महिला खेल को एक निश्चित स्तर पर पहुँचाया है… आत्मविश्वास का स्तर, बॉडी लैंग्वेज, उनका रवैया पिछले 3-4 वर्षों में बदल गया है।” – BCCI अधिकारी

पूर्व खिलाड़ियों के अनुसार, शुरुआती दिनों में महिला टीम को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें वह सब मिल रहा है जिसकी वे हकदार हैं। इस नई ‘अटैकिंग अप्रोच’ ने उन्हें विश्व कप फाइनल जैसे बड़े मंच पर पहुँचने में मदद की है।

नवंबर में नहीं लगेगा कोई ग्रहण, जानें कब लगेंगे साल 2026 के सूर्य और चंद्र ग्रहण

1983 जैसा क्षण?

विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह कपिल देव की टीम की 1983 की विश्व कप जीत ने पुरुष क्रिकेट को बदल दिया था, उसी तरह 2025 का विश्व कप खिताब जीतना महिला क्रिकेट के लिए ‘युग-परिवर्तनकारी क्षण’ साबित हो सकता है। यह जीत न केवल खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में देश में महिला क्रिकेट खेलने वाली लड़कियों की संख्या को कई गुना बढ़ा सकती है।महिला क्रिकेट अब सिर्फ ‘पुरुष टीम की परछाई’ बनकर नहीं रह गया है; इसने अपनी एक अलग पहचान और एक मजबूत आर्थिक ढाँचा बना लिया है।

    Latest News

    Surajpur Bus Fire : सूरजपुर में चलती बस बनी आग का गोला, 40 से ज्यादा यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

    Surajpur Bus Fire सूरजपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई...

    More Articles Like This