Visit of His Excellency The President to Chhattisgarh : रायपुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है क्योंकि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आगामी 7 फरवरी 2026 को राज्य के प्रवास पर रहेंगी। राष्ट्रपति अपने इस दौरे के दौरान विशेष रूप से आदिवासी संस्कृति के गढ़ जगदलपुर (बस्तर) पहुंचेंगी, जहां वे राज्य के महत्वाकांक्षी सांस्कृतिक आयोजन ‘बस्तर पंडुम 2026’ के संभागीय चरण का उद्घाटन करेंगी।

मुख्य सचिव ने तैयारियों का लिया जायजा
राष्ट्रपति के दौरे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्य सचिव विकास शील ने हाल ही में रायपुर और बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सुरक्षा, प्रोटोकॉल, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।

बैठक में रायपुर और बस्तर कलेक्टर को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे राष्ट्रपति के आगमन से लेकर कार्यक्रम स्थल तक की सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखें।
बस्तर पंडुम: जनजातीय संस्कृति का महाकुंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था। ‘बस्तर पंडुम’ राज्य सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य बस्तर की समृद्ध कला, परंपरा, लोक नृत्य और खान-पान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

उद्घाटन: राष्ट्रपति द्वारा 7 फरवरी को।
मुख्य आकर्षण: पारंपरिक नृत्य (डंडारी, गेड़ी), बस्तरिया व्यंजन और स्थानीय हस्तशिल्प की प्रदर्शनी।
महत्व: इस आयोजन के माध्यम से जनजातीय समाज की सांस्कृतिक जड़ों को सहेजने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासनिक अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर जगदलपुर के लालबाग मैदान और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर और विशेष सुरक्षा दस्ता (SPG) की निगरानी में पूरे रूट का निरीक्षण किया जा रहा है। रायपुर और जगदलपुर के अस्पतालों को भी किसी भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है।
“राष्ट्रपति महोदया का बस्तर आगमन हमारे जनजातीय गौरव और राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।” — मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO)
