Getting your Trinity Audio player ready...
|
खैरागढ़. जिले में प्रेम विवाह से उपजी रंजिश ने गांव का माहौल बिगाड़ दिया है। पुलिस की तत्परता से हालात काबू में आए। घटना के बाद आधी रात को एसपी लक्ष्य शर्मा द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल बुधवार की रात खैरागढ़ जिले के ग्राम कोड़ेनवागांव में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश हिंसक टकराव में बदल गई। जानकारी के मुताबिक, जितेंद्र साहू और नरेंद्र साहू ने प्रेम विवाह को लेकर मनमुटाव के चलते दुलरू साहू और उसकी बेटी पर हमला किया। अचानक हुए इस हमले से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रात करीब 9 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया। हालांकि तनाव यहीं शांत नहीं हुआ, गांव के कुछ युवक शराब के नशे में गिरफ्तार आरोपियों पर हमला करने उतारू हो गए। पुलिस ने सख्ती दिखाकर स्थिति संभाल ली, लेकिन इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हालात काबू से बाहर जाते देख बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। पुलिस ने राकेश नेताम सहित 9 लोगों को मौके से हिरासत में लिया और दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए। कुल मिलाकर अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि तनाव और न बढ़े।
आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेने पर उठे सवाल
इस पूरी घटना के बाद एसपी लक्ष्य शर्मा ने रात करीब 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर मीडिया को घटना की जानकारी दी। अब सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस की तत्परता की तरह क्या प्रेस ब्रीफिंग भी अब ‘नाइट शिफ्ट’ में ही होगी? घटना पर आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने को लेकर चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या एसपी का ध्यान घटनाओं की रोकथाम और शांति बहाली पर था या मीडिया मैनेजमेंट पर। गांव में तनाव कम करने और ग्रामीणों का भरोसा जीतने की बजाय पुलिस कप्तान का आधी रात को प्रेस के सामने रिपोर्ट कार्ड पेश करना उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।