Saturday, August 30, 2025

भूविस्थापित समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यालय बिलासपुर में 13 अगस्त कल किया जाएगा गेट जाम हड़ताल

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भूविस्थापित समस्याओं के समाधान के लिए माटी अधिकार मंच के द्वारा 13 अगस्त कल एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर का गेट जाम हड़ताल किया जाएगा । संगठन के द्वारा समस्याओं के निराकरण हेतु पूर्व में सीएमडी बिलासपुर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को समस्याओं के संबंध मे आवेदन प्रस्तुत किया था । आवेदन में 13 बिंदुओं में समस्याओं का उल्लेख किया गया है। जिसके संबंध में मंगलवार 12 अगस्त को मुख्यालय बिलासपुर में डायरेक्टर पर्सनल, चारों एरिया के अधिकारियों के बीच शाम 4:00 बजे बैठक आयोजित की गई । बैठक में चर्चा के दौरान संगठन के अध्यक्ष ब्रजेश श्रीवास के द्वारा मांगों के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें प्रमुख रूप से अर्जन के बाद जन्म लिए नामांकित उम्मीदवार के संबंध में चर्चा की गई । जिसमें संगठन के द्वारा यह बात रखी गई कि कभी भी विस्थापितों को अर्जन के बाद जन्म होने पर रोजगार की बाध्यता संबंधी कोई नियमावली नहीं थी । लगातार सभी व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया जा रहा था । भूविस्थापितों से रोजगार के लिए नामांकन आवेदन लेकर एवं सत्यापन कराने के 10 – 15 वर्ष बाद रोजगार के लिए अपात्र किया जा रहा है। अपात्र होने पर आवेदन स्वीकार नहीं करना था या स्वीकार करने के कुछ दिनों बाद जांच उपरांत रोजगार के लिए अपात्रता संबंधी पत्र लिखित में प्रदान करना था । परंतु प्रबंधन के द्वारा चारों परियोजना के भूविस्थापितों को एकाएक वर्ष 2014 से अपात्र घोषित करते हुए रोजगार से वंचित कर दिया गया है । माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने भी याचिका कर्ता अर्जन के बाद जन्मे व्यक्ति को रोजगार देने का आदेश पारित किया है । डिविजनल बेंच ने भी एसईसीएल के अपील को फटकार लगाते हुए खारिज कर दिया है । जिसका एसईसीएल अधिकारियों के पास जवाब नहीं था । उनके द्वारा कहा गया कि रोजगार देना संभव नहीं है अन्य कंपनियों में भी अर्जन के बाद जन्मे व्यक्तियों को रोजगार की पात्रता नहीं है । यह कह कर पल्ला झड़ते नजर आए । डायरेक्ट पर्सनल के द्वारा यह कहा गया कि उच्चतम न्यायालय से जिस व्यक्ति के लिए आदेश पारित होगा रोजगार दिया जाएगा परंतु यह सभी पर लागू नहीं किया जाएगा । अध्यक्ष ब्रजेश श्रीवास के द्वारा स्पष्ट शब्दों में यह कहा गया कि , जिन किसानों की भूमि से कोयला निकल रहा है उनसे आपका परिवार चल रहा है । आप नौकरी देने के बजाय नौकरी न देना पड़े इसके लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं । आप लोगों की मंशा सही नहीं है । न्यायालीन आदेशों की अनदेखी की जा रही है । संगठन के द्वारा वन टाइम सेटलमेंट के तहत मामले का निराकरण करने का निवेदन किया गया । जिस पर डायरेक्टर के द्वारा स्पष्ट जवाब प्रदान नहीं किया ।

माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा भी छोटे खातेदारों के लिए मध्य प्रदेश पुनर्वास नीति 1991 के तहत रोजगार देने का आदेश पारित किया है । डिविजनल बेंच के द्वारा भी एसईसीएल की अपील को खारिज किया गया है। इस आदेश से स्पष्ट हो गया है कि , छोटे खातेदार भी रोजगार के लिए पात्र है । यह आदेश कोरबा एवं गेवरा क्षेत्र के भू विस्थापितों के लिए जारी किया गया है। जिसके संबंध में अधिकारियों से मांग की गई 15 दिनों के भीतर इनको रोजगार उपलब्ध कराई जाए एवं उच्चतम न्यायालय में किसी भी प्रकार का अपील न की जाए । जिस पर अधिकारियों के द्वारा लीगल विभाग से चर्चा उपरांत कार्यवाही करने की बात कह कर तालमटोल की गई । ब्रजेश श्रीवास के द्वारा पिटीशन जीतने वाले खातेदारों को न्यायालय जाने का सुझाव दिया गया था एवं मदद किया गया था। यह प्रयास वर्ष 2015 से जारी था । जिसका परिणाम सकारात्मक रहा है ।

दो अर्जित खाते को जोड़कर(खाता संयोजन) रोजगार देने के मामले में चर्चा करने पर अधिकारी यह जवाब दिए कि वर्ष 2022 में बोर्ड के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि , जिस खाते पर रोजगार स्वीकृत हो गया है । उसे पर विचार नहीं किया जा सकता । ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश शासन उद्योग विभाग के द्वारा 1983 में प्रत्येक खाते में रोजगार देने का निर्देश दिया गया था । तत्कालीन मध्यप्रदेश शासन के निर्देश के विरुद्ध जाकर कंपनी के द्वारा बगैर कोई नियम के खाता संयोजन कर रोजगार प्रदान किया गया है । जिस पर डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी । विस्थापितों को रोजगार देने से रोकने के लिए डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के अभिमत का पालन नहीं किया जा रहा है ।

बैठक में अन्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई , परंतु मुख्यालय के अधिकारियों की रोजगार , पुनर्वास एवं मुआवजा संबंधी मांगों पर ताल मटोल रवैया एवं विधि के विरुद्ध कार्य करने से उपस्थित भूविस्थापित एवं संगठन के पदाधिकारी असंतुष्ट रहे । मुख्यालय के अधिकारियों की मंशा विस्थापितों के प्रति सही नहीं है । वर्तमान में प्रशासन के द्वारा जिस प्रकार जमीन उपलब्ध कराई जा रही है । उन परिस्थितियों को देखकर उनका मनोबल बढ़ा हुआ है एवं रोजगार देने में आनाकानी की जारी है । जिस तरह प्रशासन के द्वारा बलपूर्वक इनको जमीन उपलब्ध कराई जा रही है । इससे अधिकारियों को लगता है कि बगैर रोजगार पुनर्वास दिए माइंस चलाया जा सकता है ।

बैठक के दौरान सहमति नहीं बनने पर संगठन के द्वारा 13 अगस्त कल मुख्यालय में पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार अनिश्चित कालीन गेट जाम हड़ताल किया जाएगा । जिसमें चारों परियोजना के सैकड़ो पीड़ित भूविस्थापित एवं प्रभावित उपस्थित रहेंगे । इस हड़ताल के बाद भूविस्थापित समस्याओं के निराकरण हेतु चारों एरिया में व्यापक आंदोलन किया जाएगा ।

इस आंदोलन को विभिन्न संगठन के अलावा पूर्व मंत्री माननीय जयसिंह अग्रवाल जी का समर्थन प्राप्त हुआ है
। उनके द्वारा यथासंभव भूविस्थापितों के हित में मदद करने का आश्वासन प्रदान किया गया है । गेट जाम आंदोलन के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे

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