जगदलपुर, 17 दिसंबर 2025/ बस्तर जिले के स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ भी प्रमुखता से पढ़ाया जाएगा। इसी उद्देश्य को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में ‘विद्यालय स्वास्थ्य एवं वेलनेस एम्बेसडर’ विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह विशेष पहल जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण, एक्शन फॉर कम्युनिटी एम्पावरमेंट और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में की गई, जिसमें जिले के 50 शिक्षकों को एम्बेसडर के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने किया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने स्कूलों और समुदाय के बीच एक सेतु के रूप में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। श्री जैन ने कहा कि बच्चों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाने में शिक्षक सबसे सशक्त माध्यम हैं।
विशेषज्ञों ने दिए ‘मिशन लाइफ’ और डब्ल्यूएएसएच’ के टिप्स
कार्यशाला में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम की बारीकियों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से स्कूलों में ‘क्लाइमेट-सेंसिटिव’ (जलवायु-संवेदनशील) और ‘जेंडर-रिस्पॉन्सिव’ (लिंग-संवेदनशील) डब्ल्यूएएसएच (जल, स्वच्छता और साफ-सफाई) सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, पर्यावरण के लिए जीवनशैली (मिशन लाइफ) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन मंथन हुआ, ताकि आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जा सके।
अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडेय, सहायक परियोजना समन्वयक श्री परमेश्वर पांडेय, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के जिला समन्वयक श्री दिलीप गोस्वामी, यूनिसेफ के राज्य परामर्शदाता श्री आशीष कुमार व जिला परामर्शदाता श्री सुधांशु पांडेय, तथा एक्शन फॉर कम्युनिटी एम्पावरमेंट संस्था के सचिव श्री महेश अग्रवाल व राज्य परामर्शदाता श्री सुशील कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान समूह चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षकों ने अपने-अपने स्कूलों के लिए प्रभावी कार्ययोजनाएँ तैयार कीं। कार्यशाला का समापन एक स्वच्छ, स्वस्थ और सतत विद्यालय परिवेश बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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