रायपुर/दुबई। मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग ने अब छत्तीसगढ़ के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी देशों—दुबई, अबू धाबी और शारजाह—में छत्तीसगढ़ के 150 से अधिक नागरिकों के फंसे होने की खबर है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे उड़ानें पूरी तरह ठप हो गई हैं।
रायपुर के व्यापारी अबू धाबी में फंसे, बयां की आपबीती
रायपुर के प्रमुख व्यापारी भार्गव व्यास, जो व्यापारिक कार्यों के सिलसिले में अबू धाबी गए थे, इस वक्त वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने वहां से संपर्क कर बताया कि स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है।
दहशत का माहौल: भार्गव व्यास के अनुसार, “पूरे अबू धाबी में इस वक्त दहशत का माहौल है। आसमान में मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।”
संस्थान बंद: सुरक्षा कारणों से वहां स्कूल, कॉलेज और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को बंद कर दिया गया है।
फ्लाइट्स रद्द: युद्ध के चलते उड़ानों को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे सैकड़ों भारतीय हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
क्यों बिगड़े हालात?
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्युरी) के जवाब में ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4’ शुरू किया है। इसके तहत:
ईरान ने यूएई (अबू धाबी का अल दफ्रा एयर बेस), कतर और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
दुबई और अबू धाबी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के पास धमाकों और धुएं के गुबार देखे गए हैं, जिसके कारण नागरिक उड्डयन को पूरी तरह रोक दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई, रायपुर और बिलासपुर के कई लोग जो वहां रोजगार या पर्यटन के लिए गए थे, अब वतन वापसी के इंतजार में हैं।
