मुंबई।महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद मुंबई में राजनीतिक पारा चढ़ गया है. शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने सभी 29 पार्षदों को सुरक्षा के मद्देनजर ताज होटल में शिफ्ट कर दिया है. 227 पार्षदों वाली बीएमसी में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन बहुमत के आंकड़े (114) तक पहुँचने के लिए उसे अब भी 25 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत है.
0 महायुति के भीतर बढ़ी रार, कैबिनेट बैठक से दोनों डिप्टी सीएम नदारद
चुनाव नतीजों ने गठबंधन के भीतर भी तनाव पैदा कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, शिंदे और अजित पवार गुट अपनी पार्टियों की सीटें कम आने से भाजपा से नाराज बताए जा रहे हैं. इसी नाराजगी का असर शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में भी दिखा, जहाँ दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए. हालांकि, आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीमार होने की बात कही गई है.
0 अजित पवार की ‘चाचा’ से मुलाकात, सियासी गलियारों में चर्चा तेज
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को अपने चाचा शरद पवार से मुलाकात की, जिससे एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की अटकलें फिर से गर्म हो गई हैं. अजित पवार ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि पवार परिवार एक है और वे जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे से मिलते रहते हैं. बाद में शरद पवार के घर एक बैठक भी हुई जिसमें सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल सहित दोनों गुटों के प्रमुख नेता मौजूद रहे.
0 विपक्षी नेताओं के तीखे प्रहार
* राज ठाकरे (मनसे चीफ): उन्होंने कहा कि नतीजों में उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली, लेकिन वे मराठी अस्मिता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
* उद्धव ठाकरे: उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वे मराठी व्यक्ति के सम्मान के लिए संघर्ष करते रहेंगे.
* संजय राउत: उन्होंने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर वे ‘जयचंद’ नहीं बनते, तो भाजपा को मुंबई में कभी मेयर नहीं मिलता.
