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दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) अभी मामले की जांच कर रही है, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसायी अमनदीप सिंह ढल्ल को जमानत दे दी. व्यवसायी अमनदीप सिंह ढल्ल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि उसे पहले से ही जमानत मिल चुकी है और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल शुरू होना बाकी है, जिसमें लगभग 300 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जाएगी.
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को कस्टडी में रखने से मामला हल नहीं होगा. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपियों को पहले से ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए हम गोण-दोष पर अपनी राय दिए बिना, याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हैं. कोर्ट ने पहले संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी जमानत दी थी. इस मामले में जमानत देते हुए जस्टिस उज्जल भुइयां ने ढल्ल को केस में सहयोग करने का निर्देश दिया है.
पिछले साल CBI ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था; इससे पहले, 2022 में ED ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें वह कई महीनों से जेल में था, इसलिए कोर्ट ने सवाल खड़ा किया और जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया. दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही अमनदीप ढल्ल को जमानत दे दी थी.
ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, ढल्ल परिवार की शराब बनाने वाली कंपनी, इसके कार्यकारी निदेशक अमनदीप ढल्ल हैं. वह दिल्ली शराब बिक्री संघ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल थे, जो अबकारी नीति को लागू करने से पहले भेजा गया था. बाद में अमनदीप ढल्ल को CBI ने नई सरकारी नीति का गलत फायदा उठाने और आम आदमी पार्टी को रिश्व देने का आरोप लगाया था. उन्होंने गिरफ्तार करके हिरासत में रखा गया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी अमनदीप ढल्ल को राहत दी है.

