छत्तीसगढ़ माननीय उच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों के बाद नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा सोमवार को पूरे शहर में व्यापक एंटी रेबीज़ वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए आवारा और पालतू दोनों प्रकार के कुत्तों का टीकाकरण किया गया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट निर्देश दिये थे कि वे कुत्तों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करें। आवारा और पालतू दोनों ही वर्गों का नियमित टीकाकरण कराएँ। टीकाकरण और सर्वे का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखें। शहर में कुत्तों का सर्वे और टैगिंग कराएँ। संक्रमण की आशंका या काटने की घटना पर तत्काल कार्यवाही करें। न्यायालय ने यह भी कहा था कि देरी या लापरवाही पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है।
इन्हीं दिशा निर्देशों के पालन में नगर पालिक निगम चिरमिरी की स्वास्थ्य टीम ने विभिन्न वार्डों, बस्तियों, बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों पर जाकर बड़ी संख्या में कुत्तों को एंटी रेबीज़ वैक्सीन लगाई। टीम ने पशुपालकों को जागरूक करते हुए बताया कि रेबीज़ एक घातक संक्रमण है जो पशु से मनुष्य में फैल सकता है। इसलिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। निगम प्रशासन ने शहर वासियों से अपील की है की
अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराएँ। समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें। किसी भी कुत्ते में आक्रामकता, अत्यधिक लार, असामान्य व्यवहार, भय या असामान्य शांति जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सूचना दें। नगर निगम ने बताया कि भविष्य में भी नियमित टीकाकरण शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और कुत्तों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और सख्ती से जारी रखा जायेगा। टीकाकरण ना कराने वाले पशुपालकों पर नियमों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
निगम प्रशासन ने कहा कि शहर को रेबीज़ मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से चिरमिरी नगर पालिका लगातार सक्रिय प्रयास कर रही है।
आवारा और पालतू कुत्तों का विशेष एंटी रेबीज़ टीकाकरण अभियान, उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल….
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