Sunday, January 18, 2026

स्लग-नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मेडीकल कॉलेज डिमरापाल में किया प्रदर्शन।

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बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में मंगलवार को नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन के द्वारा विगत 10 वर्षों से लम्बित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया।नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन का कहना है कि इस संबंध में विभागीय मंत्री के द्वारा 4 जुलाई 2024 में आश्वस्त किया गया था 2 माह के अंदर कैबिनेट में नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन की मुख्य मांग को रखकर निर्णय लिया जाएगा। परन्तु 1 वर्ष 5 माह बीत जाने के पश्चात भी कोई कार्यवाही नहीं किए जाने से संघ के सदस्यों में नाराजगी है।

दरअसल नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन स्टाफ नर्स का ग्रेड पे 4800, नर्सिंग सिस्टर का ग्रेड पे 5400, सहायक नर्सिंग अधीक्षक का ग्रेड पे 6600, उप नर्सिंग अधीक्षक का ग्रेड पे 7600 एवं नर्सिंग अधीक्षक का ग्रेड पे 8600 करने की मांग और शासन द्वारा गठित 2018 की कमेटी की अनुसंशाओं के आंशिक संशोधन कर लागू किए जाने सहित शहीद महेन्द्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय डिमरापाल, जगदलपुर में नियमित पद रिक्त है। रिक्त नियमित पदों पर यहां पूर्व से कार्यरत संविदा एवं कलेक्टर दर पर कार्यरत स्टॉफ नर्सेस को नियुक्ति देने की मांग तथा मध्यप्रदेश राज्य की तरह समान काम समान वेतन किए मांग की गई है इसके अतिरिक्त कलेक्टर दर पर कार्यरत स्टॉफ नर्स को उच्च कुशल श्रेणी के कर्मचारी का वेतन लगभग 14000/- प्रतिमाह प्रदान करने की मांग भी की गई है।इसी तरह अन्य मांगे भी की गई है ।
नर्सिंग ऑफिसर्स असोसिएशन ने मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में 29 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में पदस्थ नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि वह कई वर्षों से पे ग्रेड में। वृद्धि की मांग कर रहे हैं मगर सरकार ने अबतक मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी है जिससे मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि मेडिकल कॉलेज में नियमित स्टाफ की भर्ती की जाए और संविदा कर्मियों का वेतन बढ़ाया जाय।
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में 2014 से पदस्थ नर्सिंग स्टाफ जयंती पाटकर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी होने के कारण उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है ।एक नर्स को 40 से ज्यादा मरीजों का ध्यान रखना पड़ता है जो बिल्कुल भी व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार यथाशीघ्र मेडिकल कॉलेज में रिक्त पड़े पदों की भर्ती करे ताकि मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो सके।

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