Friday, December 12, 2025

पंचतत्व में विलीन हुईं शारदा सिन्हा:अंतिम यात्रा पर बजा उनका आखिरी छठ गीत

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पटना ,लोक गायिका शारदा सिन्हा आज छठ के तीसरे दिन पंचतत्व में विलीन हो गईं। पटना के गुलबी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अंशुमान ने मुखाग्नि दी। घाट पर ‘शारदा सिन्हा अमर रहे’ के साथ-साथ छठी मईया के जयकारे भी गूंजते रहे।

शारदा सिन्हा को छठ गीत से पहचान मिली। उनके गानों के बिना छठ महापर्व अधूरा माना जाता है। छठी माई की महिमा गाने वाली शारदा सिन्हा का पर्व के पहले दिन (मंगलवार को) दिल्ली एम्स में निधन हुआ था। उनके अंतिम सफर में उनका गाया आखिरी छठ गीत ‘दुखवा मिटाई छठी मईया’ बजा। ये गाना शारदा सिन्हा ने दिल्ली एम्स से ही रिलीज किया था।

सुबह करीब 9 बजे पटना के राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास से उनकी अंतिम यात्रा निकली, जो गुलबी घाट पहुंची। बेटे अंशुमान ने मां की अर्थी को कंधा दिया। उनके साथ-साथ बीजेपी के पूर्व सांसद रामकृपाल यादव और विधायक संजीव चौरसिया ने भी कंधा दिया। बड़ी संख्या में शारदा सिन्हा के प्रशंसक भी शामिल हुए हैं। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गुरुवार शाम शारदा सिन्हा के राजेन्द्र नगर स्थित घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

शारदा सिन्हा के पति का निधन 45 दिन पहले यानी 22 सितंबर को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार पटना के गुलबी घाट पर ही किया गया था। शारदा सिन्हा की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार भी इसी घाट पर हो। छठ के पहले दिन 5 अक्टूबर को देर रात दिल्ली AIIMS में शारदा सिन्हा का निधन हो गया था। वे 72 साल की थीं।

फ्लाइट से उनका पार्थिव शरीर पटना लाया गया। शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर पटना के राजेन्द्र नगर स्थित आवास पर लाया गया था। जहां सीएम नीतीश कुमार ने घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

तिरंगे में लिपटा शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर पटना के गुलबी घाट पहुंच गया है। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे मौजूद हैं, जो अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

शारदा सिन्हा की अंतिम यात्रा भिखना पहाड़ी पहुंची है। यहां पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने उनका अंतिम दर्शन किया, उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शारदा सिन्हा की अंतिम यात्रा में बीजेपी के पूर्व विधायक रामकृपाल यादव और पटना के दीघा से विधायक संजीव चौरसिया शामिल हुए। बेटे अंशुमान सिन्हा के साथ-साथ इनदोनों नेताओं ने भी शारदा सिन्हा की अर्थी को कंधा दिया।

दिल्ली AIIMS ने बताया था कि ‘सेप्टिसीमिया (ब्लड इंफेक्शन) की वजह से शारदा सिन्हा की मौत हुई। 26 अक्टूबर को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया था। 3 नवंबर को हालत में सुधार होने पर प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया। लेकिन, 4 नवंबर की शाम उनका ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा। इसके बाद से वे वेंटिलेटर पर थीं।’

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