Saturday, February 21, 2026

कोरबा पावर लिमिटेड (Adani Group) के 1600 मेगावाट विस्तार परियोजना के विरुद्ध गंभीर आपत्तियाँ – Draft EIA में भ्रामक तथ्यों का आरोप, पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा सभी विभागों को बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उचित कार्यवाही करने के संबंध में निर्देश जारी

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कोरबा / छत्तीसगढ़ : प्राप्त जानकारी के अनुसार शशांक दुबे, जिला अध्यक्ष, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस कोरबा और संजय कुमार पटेल, जिला सचिव (INTUC) द्वारा कोरबा पावर लिमिटेड (KPL), जो कि Adani Power Limited की सहायक कंपनी है, की प्रस्तावित 2×800 मेगावाट (1600 मेगावाट, फेज-III) कोयला आधारित ताप विद्युत विस्तार परियोजना के विरुद्ध गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई गई हैं।

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जिस पर इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Environment, Forest and Climate Change) द्वारा पत्र क्रमांक IA-Z-12011/26/2026-IA-I (E-Comp. No.: 292577) दिनांक 20 फरवरी 2026 के माध्यम से उप वन महानिदेशक (C), रायपुर को तथ्यात्मक स्थिति एवं पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) की शर्तवार अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिसमें मुख्य बिंदु इस प्रकार है :-

(1). Draft EIA Report में गंभीर अनियमितताएँ:
27 फरवरी 2026 को आयोजित प्रस्तावित जनसुनवाई के संबंध में तैयार Draft EIA Report में अनेक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

(2).भ्रामक एवं अधूरी जानकारी का आरोप:
आरोप है कि पर्यावरणीय प्रभावों, प्रदूषण स्तर, भूजल, राख निस्तारण (ash disposal), वन भूमि, स्थानीय ग्रामों पर प्रभाव एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को कम करके या आंशिक रूप से दर्शाया गया है।

(3).जनसुनवाई में सहमति प्राप्त करने की साजिश:
यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि Draft EIA में भ्रामक एवं misleading information के माध्यम से स्थानीय जनता को गुमराह कर जनसुनवाई में कृत्रिम सहमति प्राप्त करने की साजिश रची गई है।

(4). पूर्व में प्रदत्त EC की समीक्षा की मांग:
परियोजना से संबंधित पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृतियों (2004, 2025 एवं संशोधन 2025) की शर्तों के अनुपालन की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच की मांग की गई है।

(5).केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचना:
मामले की प्रति Central Pollution Control Board तथा Chhattisgarh State Pollution Control Board को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

श्री शशांक दुबे का वक्तव्य:
“कोरबा पहले से ही देश के सर्वाधिक प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। ऐसी स्थिति में यदि विस्तार परियोजना के Draft EIA में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जाता है, तो यह न केवल पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है बल्कि स्थानीय जनता के स्वास्थ्य एवं अधिकारों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। जनसुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी, तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष होनी चाहिए।”

मांगें:

(a). Draft EIA Report की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से पुनः जांच

(b). जनसुनवाई प्रक्रिया को स्थगित कर वास्तविक एवं संशोधित EIA प्रस्तुत करने का निर्देश

(c). सभी पूर्व EC शर्तों के अनुपालन की सार्वजनिक डोमेन में उपलब्धता

(d). यदि भ्रामक तथ्यों की पुष्टि हो, तो संबंधित अधिकारियों एवं कंपनी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई

(e). वर्ष 2004-2007 के दौरान 600 MW परियोजना में प्रभावित बाकी 30 अन्य भू विस्थापितों को प्राथमिकता देते हुए नए इकाई 660*2 MW में स्थाई रोजगार प्रदान किया जाए एवं 2011-12 के दौरान भू अधिग्रहण से प्रभावित भू विस्थापितों को भी योग्यतानुसार नई इकाई 600*2 MW में स्थाई रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा वेतन समझौता में शामिल करते हुए सारे कर्मचारी लाभ प्रदान किया जाये।

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