बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला अधिकारी का ‘नकाब’ खींचने का मामला अब यूपी की राजनीति में उबाल ला रहा है। यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पहले इसे “इंसानी भूल” बताते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की कि “कहीं और छू लेते तो क्या होता”, और बाद में इसे “अच्छी फोटो खिंचवाने की कवायद” करार दिया। इस सफाई पर पलटवार करते हुए राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इसे महिला गरिमा के खिलाफ बताया है। उन्होंने दो टूक कहा कि नीतीश की हरकत और निषाद का बयान, दोनों ही माफी के योग्य हैं।
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प्रमुख बिंदु जो चर्चा में हैं…
* तर्क बनाम मर्यादा: क्या फोटो की स्पष्टता के लिए किसी महिला के पहनावे के साथ छेड़छाड़ जायज है?
* बयानबाजी का स्तर: “कहीं और छू लेते…” जैसे बयानों ने जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
* महिला आयोग का रुख: अपर्णा यादव का अपनी ही सरकार के गठबंधन सहयोगी के खिलाफ खड़ा होना यह दर्शाता है कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी के भीतर भी मतभेद उभर रहे हैं।
