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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने नए कार्यकाल में तेज़ी से काम करते हुए नजर आ रहे हैं। शपथ लेने के सिर्फ दस दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री ने उन घोषणाओं पर तेजी से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है, जिन्हें उन्होंने चुनाव से पहले अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा किया था। ये सभी घोषणाएँ एनडीए के संकल्प पत्र में भी स्पष्ट रूप से शामिल थीं।
सरकार की ओर से साफ संकेत मिल रहे हैं कि “जो कहा था, वह किया जाएगा”, और इसी दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तुरंत काम शुरू कर दिया है।
10 लाख महिलाओं को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए
चुनाव से पहले चर्चा में रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब तेज़ी से लागू करने की तैयारी में है। विपक्ष ने इस योजना को लेकर चुनाव से पहले और बाद में खूब राजनीति की, लेकिन सरकार इसे वास्तविकता में बदलने के लिए जुट गई है।
इस योजना के तहत जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को अपने पसंद का छोटा रोजगार शुरू करने में मदद दी जाएगी। इसके लिए उनके बैंक खातों में सीधे 10-10 हजार रुपए भेजे जाएंगे।
सरकार की प्राथमिकता: महिला सशक्तिकरण और रोजगार
नीतीश सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का बड़ा कदम है। छोटे व्यवसाय शुरू करने से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे लाभ मिलेगा।
विपक्ष के आरोप, सरकार का जवाब
जहाँ विपक्ष इस योजना को चुनावी वादा बताकर इसकी समयसीमा पर सवाल उठा रहा था, वहीं दस दिनों के भीतर कई निर्णयों को लागू होते देखकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि योजनाएँ सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं रहेंगी।
नीतीश कुमार की सक्रियता बनी चर्चा का विषय
नए कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही मुख्यमंत्री की तेजी से फैसले लेने की क्षमता राजनीतिक गलियारे में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। कई अन्य विकास योजनाओं पर भी इसी गति से काम जारी है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले महीनों में बिहार में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी।

