सी-60 और CRPF का संयुक्त एक्शन: ऐसे चला ऑपरेशन
गढ़चिरौली पुलिस की विशिष्ट इकाई सी-60 कमांडो, CRPF और जिला पुलिस ने घने जंगलों में छिपे इन स्मारकों को चिन्हित किया। ये स्मारक उन नक्सलियों की याद में बनाए गए थे जो मुठभेड़ों में मारे गए थे। नक्सली संगठन इन ढांचों का उपयोग अपनी विचारधारा के प्रचार और स्थानीय युवाओं को बरगलाने के लिए करते थे।
सुरक्षा बलों ने इन स्मारकों को गिराने के लिए भारी मशीनों और मैनुअल तरीकों का इस्तेमाल किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये स्मारक वर्षों से सुरक्षा बलों को चुनौती देने और नक्सली प्रभुत्व दिखाने के केंद्र बने हुए थे। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों के मनोबल को तगड़ा झटका दिया है।
“यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है। ये स्मारक केवल ईंट-पत्थर के ढांचे नहीं थे, बल्कि आतंक का प्रतीक थे। इन्हें ध्वस्त करना अनिवार्य था ताकि ग्रामीणों के मन से नक्सलियों का डर खत्म हो सके।”
