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कोरबा। रजगामाल चौकी क्षेत्र के कोरकोमा गांव में ‘मुर्गा-भात’ खाने के बाद बीमार हुए लोगों में एक और शख्स ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को इलाज के दौरान राजाराम (52) की मौत हो गई। इससे पहले रजमीन बाई (62) और जेल सिंह (27) की जान जा चुकी है। अब तक इस घटना में तीन मौतें हो चुकी हैं, लेकिन सवाल ये है कि वजह मुर्गा-भात है या जहरीली शराब?
घटना 31 जुलाई की है, जब गांव में पूजा-पाठ के बाद परोसे गए मुर्गे का मांस रजमीन बाई, जेल सिंह, राजाराम, राजकुमार और चमेली बाई ने खाया था। बताया जा रहा है कि सभी ने शराब भी पी थी। खाने-पीने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पत्नी का बड़ा आरोप – “मुर्गा-भात नहीं, महुआ शराब थी मौत की वजह”
राजाराम की पत्नी शिवा बाई का दावा है कि उनके पति की मौत मुर्गा-भात से नहीं, बल्कि जहरीली महुआ शराब पीने से हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जेल सिंह ने तो मुर्गा-भात खाया ही नहीं था, उसने सिर्फ शराब पी थी और फिर भी उसकी मौत हो गई।
पुलिस पर आरोप – जहरीली शराब के एंगल को दबा रही जांच
परिजनों का आरोप है कि पुलिस जहरीली शराब के पहलू को नजरअंदाज कर रही है, जबकि सही जांच से शराब के गोरखधंधे का पर्दाफाश हो सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।