भोपाल। मध्य प्रदेश के एक गांव में हाल ही में वायरल हुए एआई जेनरेटेड वीडियो ने तहलका मचा दिया। वीडियो में दिखाया गया कि एक युवक से उसके पैरों को धोवाया गया और फिर वही पानी उसे पिलाया गया। मामले की जांच के बाद पंचायत ने वीडियो शेयर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि एआई तकनीक से तैयार किया गया था। बावजूद इसके, वीडियो के शेयर होने से सामाजिक माहौल बिगड़ने का खतरा था। पंचायत ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई जेनरेटेड सामग्री को बिना जांचे फैलाना समाज में भ्रम और असंतोष पैदा कर सकता है, इसलिए इसका जिम्मेदाराना उपयोग जरूरी है।
