कोरबा/छत्तीसगढ़ : प्रदेश भर में एनएचएम कर्मचारी संघ अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं ! शासन प्रशासन की हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर बेरुखी और सकती जारी है और आदेश जारी करते हुए “काम नहीं तो, वेतन नहीं “और आंदोलनरत कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त करने का फरमान जारी किया गया है जिससे प्रदेश भर के 16 हजार आंदोलनकारी एनएचएम कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और संघ के आह्वान पर सभी जिलों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सामूहिक त्याग पत्र का ज्ञापन सौंपा गया है!

आंदोलनकारी कर्मचारियों ने प्रदेश भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है और कहा गया है की सुशासन की सरकार में मोदी की गारंटी पूरी तरह से फेल है भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करवाने तथा वेतन विसंगति में सुधार की गारंटी दी गई थी लेकिन सरकार बनने के लगभग दो वर्ष पूरे होने वाले हैं फिर भी प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी चुनावी घोषणापत्र “मोदी की गारंटी” को पूरा नहीं कर रही है!
