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Minister Tankaram Verma : राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने परंपरा का निर्वहन करते हुए धरसींवा विकासखंड के ग्राम तरपोंगी में घर-घर जाकर अन्न दान ग्रहण किया। इस अवसर पर गांव में उत्साह, अपनत्व और लोक उल्लास का माहौल देखने को मिला। छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ की ऐसी परंपरा है, जो सामाजिक समरसता, समानता और साझा संस्कृति का संदेश देती है। इस पर्व पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न दान करते हैं, जिसे समाज के जरूरतमंदों और सामूहिक हित के कार्यों में उपयोग किया जाता है।
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मंत्री वर्मा पारंपरिक वेशभूषा में गांव की गलियों से गुजरे और प्रत्येक घर से अन्न दान स्वीकार किया। ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लिया। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने लोकगीतों और पारंपरिक अभिवादन के साथ मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहें और अगली पीढ़ी तक इन्हें पहुंचाएं। मंत्री ने यह भी कहा कि छेरछेरा जैसे पर्व समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
ग्राम तरपोंगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने न सिर्फ परंपरा को जीवंत किया, बल्कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद और अपनत्व भी स्थापित किया। ग्रामीणों ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है। छेरछेरा तिहार के इस आयोजन के साथ ही क्षेत्र में लोक उत्सव जैसा वातावरण बन गया। हर उम्र के लोग इस परंपरा में शामिल होकर गर्व और खुशी का अनुभव करते नजर आए।