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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक बड़ा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर “भाषायी आतंक” फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी। साथ ही, उन्होंने यह भी शपथ ली कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक किसी को भी बंगाल के लोगों का मताधिकार नहीं छीनने देंगी।
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1. भाजपा पर ममता का तीखा हमला: ‘भाषायी आतंक बर्दाश्त नहीं’
एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा देश में भाषाओं को लेकर आतंक फैला रही है और क्षेत्रीय भाषाओं को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश की विविधता को खत्म करके एक भाषा और एक संस्कृति को थोपना चाहती है, जो भारत की आत्मा के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “हमारा देश भाषाओं का गुलदस्ता है। भाजपा का यह भाषायी आतंक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
2. ‘जब तक जिंदा हूं, मताधिकार नहीं छिनने दूंगी’: CAA-NRC पर दी चेतावनी
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “जब तक मैं जिंदा हूं, किसी को भी बंगाल के लोगों का मताधिकार नहीं छीनने दूंगी।” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इन कानूनों के जरिए लोगों को नागरिकता और वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बंगाल में किसी को भी नागरिकता साबित करने के लिए परेशान नहीं होने देगी।
3. ‘विभाजनकारी राजनीति का आरोप’ और भविष्य की रणनीति
ममता बनर्जी ने भाजपा पर धर्म और भाषा के नाम पर देश को बांटने की विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति सिर्फ नफरत फैलाने पर टिकी है, जबकि उनकी पार्टी सभी धर्मों और समुदायों को एकजुट करने में विश्वास रखती है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे भाजपा की इस राजनीति के खिलाफ एकजुट हों और बंगाल की संस्कृति और पहचान की रक्षा करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगामी चुनाव में वे भाजपा के खिलाफ एक मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगी।