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कोरबा। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को कोरबा के पुरानी बस्ती स्थित गांधी चौक पर कांग्रेसियों ने ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ के तहत सामूहिक उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित जिले के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए।
गांधी जी के नाम को हटाना अपमान: चरणदास महंत
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए आजीविका का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर उनके अस्तित्व और योगदान को मिटाने की कोशिश कर रही है। महंत ने कहा, “नाम बदलने से न केवल गांधी जी का अपमान हो रहा है, बल्कि इससे योजना के मूल स्वरूप और पारदर्शिता पर भी बुरा असर पड़ेगा।”

सांसद ज्योत्सना महंत और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने भी मंच से जनता को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि मनरेगा का नाम बदलने के पीछे सरकार की मंशा इस योजना को कमजोर करना और बजट में कटौती करना है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” जैसे नए नामों की आड़ में गरीबों के रोजगार के अधिकार को छीना जा रहा है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह उपवास केवल एक सांकेतिक विरोध है। यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर बड़े आंदोलन किए जाएंगे। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेसियों ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर योजना के मूल स्वरूप को बचाए रखने का संकल्प लिया।
