Saturday, February 21, 2026

सख्त शर्तों के साथ बजट सत्र में दिखेंगे Kawasi Lakhma, राजनीति में बढ़ी हलचल

Must Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पूर्व मंत्री Kawasi Lakhma को सशर्त शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। उन्हें अंतरिम जमानत मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कुछ स्पष्ट नियमों के पालन की शर्त पर सत्र में भाग लेने की मंजूरी दी है।

क्राइस्ट कॉलेज ने मनाया अपना 25 वर्षों का सिल्वर जुबली वार्षिकोत्सव, महापौर संजय पांडे हुए शामिल

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, 24 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे और 25 फरवरी को अभिभाषण पर चर्चा होगी।

अंतरिम जमानत के बाद मिली अनुमति

शराब घोटाले मामले में जेल में रहे कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा 3 फरवरी को अंतरिम जमानत दी गई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनसे अभिमत मांगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई।

किन शर्तों पर मिलेगी सत्र में मौजूदगी

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार कवासी लखमा को निम्न शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा—

  • सत्र में आने और जाने की पूरी जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी।
  • वे अपने निवास क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे।
  • “नो स्पीच” नियम का पालन करेंगे।
  • उनकी उपस्थिति केवल विधानसभा सत्र तक सीमित रहेगी।
  • अपने ऊपर चल रहे मामले से संबंधित कोई चर्चा नहीं करेंगे।
  • यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।

अन्य विषयों पर ले सकेंगे हिस्सा

हालांकि उन्हें अपने केस से जुड़े मुद्दों पर बोलने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन बजट सत्र के अन्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकेंगे। चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अन्य सदस्यों को भी इस पर चर्चा से बचने की सलाह दी गई है।

राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और माना जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान उनकी उपस्थिति पर सबकी नजर रहेगी।

    Latest News

    Supreme Court Gives Donald Trump A Major Blow : टैरिफ नीति ‘अवैध’ करार, भारत को मिली राहत – अब 18% के बजाय देना होगा...

    वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी और विवादास्पद टैरिफ नीति को असंवैधानिक करार देते...

    More Articles Like This