सक्ती / जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, कूट-रचना और खरीद-फरोख्त के मामले को लेकर विगत 17 दिनों से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है। परंतु इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्यवाही होते नहीं दिख रही है। आखिर इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी प्रशासन का इस मामले पर ध्यान नहीं देना समझ से परे हैं।
बता दे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर सक्ती कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टोरेट परिसर से लगी बहुमूल्य शासकीय भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त कराने तथा राजस्व विभाग में चल रही अनियमितताओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि शासकीय जमीनों को बचाने के लिए प्रशासन को अब कड़ा और पारदर्शी रुख अपनाना होगा।
पटवारी पर लगे हैं गंभीर आरोप
कलेक्ट्रेट के सामने स्थित ग्राम सकरेली का खसरा नंबर 1311 को लेकर पटवारी के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं पटवारी को लेकर इस मामले में यह बताया जा रहा है कि पटवारी द्वारा शासकीय भूमि का बंटाकन कर 1311/4 का बिक्री छांट जारी कर दिया गया है । वही पटवारी के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं होने के कारण उसके हौसले बुलंद है इस मामले में यह साफ समझा जा सकता है कि इस मामले को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा 17 दिन तक अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठने के बाद भी आज तक पटवारी के ऊपर जांच तक नहीं बैठी है। बताया यह भी जा रहा है कि इस मामले को लेकर कई अधिकारी संदेह के घेरे में है।
पटवारी के ऊपर कार्यवाही को लेकर लोगों को इंतजार
जिले के कलेक्टर ने धान खरीदी को लेकर बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है जिसका असर जिले वासियों को देखने को मिला था अभी हाल ही में जिले के दो पटवारी के ऊपर निलंबन की गाज गिरी है उनके ऊपर यह आरोप था कि उन्होंने शासकीय कार्य में अपना कर्तव्यो का पालन नहीं किया था। वहीं अब लोगों को भी इंतजार है कि शासकीय भूमि को बंदर बांट करने वाले पटवारी के ऊपर जिस दिन भी जिले के कलेक्टर की नजर पड़ेगी तो कई अधिकारी नपते नजर आएंगे।
आखरी दम तक लड़ेंगे गोंगपा
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का कहना है कि इस मामले को लेकर हम आखरी दम तक लड़ेंगे और शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त करा कर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे चार प्रमुख मांगे हैं
(1) खसरा नं. 1311/1, 1311/2, 1311/3. 1311/4 एवं 1311/5 की विक्रीछांट देने वाले पटवारी को तत्काल निलंबित करते हुए शासकीय जमीन की खरीदी ब्रिकी करने में सहयोग करने के आरोप में एफ. आई. आर. दर्ज की जावे। (2) खसरा नं. 1311 की समस्त बटांकनों की खरीदी बिक्री करने में सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध
कानून के अनुसार कार्यवाही किया जावे।
(3) खसरा नं. 1311 एवं उसके समस्त बटांकनों की खरीदी बिक्री शून्य की जावे।
(4) खसरा नं. 1311/1, 1311/2, 1311/3. 1311/4 एवं 1311/5 के विक्रेताओं एवं क्रेताओं एवं गवाहों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जावे ।
