खामेनेई की मौत से बौखलाया ईरान, खाड़ी में महायुद्ध जैसे हालात
यह हमला तब हुआ है जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्युरी) में खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई थी। इसके जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में प्रतिशोध की आग सुलगा दी है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि टैंकर Skylight को अवैध रूप से होर्मुज से गुजरने के कारण निशाना बनाया गया और वह अब समुद्र में डूब रहा है।
ओमान के खसाब पोर्ट के पास हुआ हमला
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, हमला खसाब पोर्ट (Khasab Port) से करीब 5 नॉटिकल मील उत्तर में हुआ। घटना के बाद ओमान की नौसेना और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। 15 भारतीयों समेत सभी 20 कर्मियों को जहाज से निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। घायलों का इलाज ओमान के स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार मस्कट स्थित दूतावास के संपर्क में है और क्रू मेंबर्स की स्थिति पर नजर रख रहा है।
“ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए बंद करने की चेतावनी दी थी। हमारे पास जानकारी है कि कई जहाजों को रेडियो संदेशों के जरिए वापस लौटने को कहा गया है। यह हमला वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश है।”
— ओमान समुद्री सुरक्षा केंद्र (MSC) प्रवक्ता
इस घटना का असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20% हिस्सा नियंत्रित करता है। हमले के बाद कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने की आशंका है। भारत के लिए चिंता की बात वहां फंसे हजारों भारतीय छात्र और कामगार हैं। खाड़ी देशों में हवाई सेवा (Air India, Air France) पहले ही निलंबित कर दी गई है। आने वाले दिनों में भारत सरकार भारतीयों को निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू फ्लाइट्स या नौसेना के जहाज भेज सकती है।
