नई दिल्ली/ढाका, 19 फरवरी 2026: बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों के बाद बनी नई सरकार ने भारत के साथ अपने क्रिकेट संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बांग्लादेश के नवनियुक्त युवा और खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया है कि वे बीसीसीआई (BCCI) और भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं।
तनाव कम करने के लिए ‘फ्रेंडली टॉक’
अमीनुल हक, जो बांग्लादेश की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान रहे हैं, ने मंगलवार को शपथ लेने के तुरंत बाद संसद भवन में भारत के उप उच्चायुक्त से मुलाकात की। इस मुलाकात में विशेष रूप से 2026 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की गैर-मौजूदगी और उससे पैदा हुए विवादों पर चर्चा हुई।
अमीनुल हक के मुख्य बयान:
जल्द समाधान की इच्छा: उन्होंने कहा, “हम इस मुद्दे को बातचीत से जल्दी सुलझाना चाहते हैं। हम सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं।”
वर्ल्ड कप से दूरी पर अफसोस: मंत्री ने माना कि कूटनीतिक जटिलताओं के कारण बांग्लादेश वर्ल्ड कप नहीं खेल सका। उन्होंने कहा कि यदि इन मुद्दों पर पहले ही चर्चा कर ली जाती, तो उनकी टीम आज मैदान पर होती।
सार्थक संबंध: उन्होंने जोर दिया कि खेल से लेकर अन्य सभी क्षेत्रों तक वे भारत के साथ एक “ईमानदार और सौहार्दपूर्ण संबंध” बनाना चाहते हैं।
विवाद की जड़: क्यों बिगड़े थे संबंध?
शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। विवाद तब गहराया जब:
BCCI के निर्देश पर IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था।
इसके विरोध में बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के मैचों के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था।
नतीजतन, ICC ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया।
