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IND vs SA : भारत की टेस्ट टीम, जो एक समय घरेलू मैदान पर अजेय मानी जाती थी, अब ढलान पर नजर आ रही है। हालिया टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से करारी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले पिछले सीजन में न्यूजीलैंड ने भारत को 0-3 से क्लीन स्वीप किया था। इन लगातार दो झटकों के बाद घरेलू टेस्ट क्रिकेट में भारत की ‘मजबूत किलेबंदी’ की छवि अब पूरी तरह टूटती दिख रही है।
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गंभीर की कोचिंग में 16 महीनों में तीसरी टेस्ट सीरीज हार
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर की नियुक्ति के बाद टीम से उम्मीदें काफी थीं, लेकिन पिछले 16 महीनों में टीम इंडिया को तीन टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। यह वही प्रारूप है जिसे भारत का सबसे सुरक्षित और मजबूत विभाग माना जाता था, लेकिन अब यही टीम की सबसे बड़ी चिंता बन गया है।
घरेलू धरती पर लगातार हार ने बढ़ाई टीम मैनेजमेंट की परेशानी
भारत की टीम ने दशकों तक घरेलू परिस्थितियों में वर्चस्व बनाए रखा, लेकिन:
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0-3 से न्यूजीलैंड के खिलाफ हार
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0-2 से दक्षिण अफ्रीका से पराजय
इन नतीजों ने टीम की रणनीति, चयन और तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों टूट रही है भारत की टेस्ट टीम?
विशेषज्ञों की मानें तो भारतीय टीम की हार के मुख्य कारण हैं—
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टीम संयोजन में लगातार बदलाव
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ओपनिंग की जोड़ी का अस्थिर होना
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स्पिनरों का फेल होना, खासकर घरेलू पिचों पर
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मिडिल ऑर्डर का लगातार कमजोर प्रदर्शन
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गेंदबाजी में निरंतरता की कमी
क्या गंभीर के नेतृत्व में बदलाव आएगा?
गौतम गंभीर की आक्रामक सोच और नए बदलावों की कोशिशें फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही हैं। बीसीसीआई अब टीम के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन कर सकता है, और आने वाली टेस्ट सीरीज टीम और कोच दोनों के लिए बेहद अहम होने वाली है।

