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वेदांता ग्रुप के द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत कोई नई बात नहीं है लेकिन अब अतिक्रमण के बाद अवैध उत्खनन की शिकायत सामने आ रही है वेदांत के प्रोजेक्ट गेट के सामने शासकीय भूमि पर अवैध तरीके से मिट्टी का उत्खनन इस कदर किया जा रहा है कि मुर्दो के कब्र तक को नहीं बक्शा जा रहा है।
जी हां ताजा मामला प्लांट के प्रोजेक्ट गेट के सामने का है जहां से अवैध तरीके से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है और उत्खनन के बाद उस मिट्टी को हाईवि वाहनों में ओवरलोड भरकर बिना तर्पॉलिन के खुले में परिवहन किया जा रहा है। मिट्टी के इस परिवहन ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन का मुख्य और एकमात्र सीसी रोड सड़क बड़े-बड़े वाहनों के परिवहन से जहां एक ओर टूटने लगे हैं वहीं भारी वाहन के कारण जनहानि की आशंका बनी हुई है स्थानीय लोगों का कहना है की बड़ी-बड़ी गाड़ियां जिस ओवर स्पीड में और ओवरलोडिंग से चल रही है उसे जहां एक ओर धूल उड़ रही है वही दूसरी ओर मिट्टी सड़क पर गिर रहे हैं वहीं छोटे-छोटे बच्चे कब इन गाड़ियों के चपेट में आ जाए और कब बड़ी दुर्घटना घट जाए यह कहा नहीं जा सकता।
वेदांता ग्रुप के द्वारा लगातार मनमानी का कई उदाहरण सामने आता रहा है लेकिन उनके इस मनमानी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा किसी तरह का कार्यवाही नहीं किए जाने का आरोप स्थानी लोगों ने लगाया है यही कारण है वेदांता मैनेजमेंट की मनमानी बदस्तूर जारी है।
आखिर क्या कारण है कि वेदांता के किसी भी कार्य को लेकर नियम और शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है क्या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा वेदांता के हर एक कार्य में नियम को दरकिनार करते हुए खुला मनमानी करने का छूट दे दिया गया है और यदि नहीं है तो उनके द्वारा किए जा रहे अवैध उत्खनन ओवरलोड परिवहन पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है।
कार्यवाही के अभाव में जहां एक ओर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर सुरक्षा के सारे मापदंडो की खुलेआम धज्जियां उड़ रही है।
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वेदांता के द्वारा किया जा रहा है अवैध उत्खनन से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है जानकारों की माने तो मिट्टी के परिवहन और उत्खनन को लेकर खनिज विभाग से विधिवत अनुमति लेने की आवश्यकता होती है जिसके बाद अभिवहन पास जारी किया जाता है। इसके साथ ही ओवरलोडिंग को लेकर परिवहन विभाग के द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी है ओवरलोडिंग की स्थिति में कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाता है लेकिन वेदांता मैनेजमेंट के द्वारा खुलेआम ओवरलोडिंग गाड़ी चलवाया जा रहा है।
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इस तरह के मामलों पर कठोर से कठोर कार्यवाही करने की आवश्यकता है ताकि संयंत्र के आड़ में शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को कार्यवाही का भय हो।