|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
High Court , कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से जुड़े विवाद को लेकर आज कलकत्ता हाईकोर्ट में अहम सुनवाई जारी है। यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है। इससे पहले 9 जनवरी को इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन अदालत परिसर में भारी भीड़ और अव्यवस्था के चलते कोर्ट को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी।
CG News : दुर्ग में फर्जी तांत्रिक गिरफ्तार, दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में दो महीने से था फरार
ईडी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छापेमारी के दौरान एजेंसी के अधिकारियों के साथ बदसलूकी की गई और उन्हें अपना काम करने से रोका गया। ईडी का दावा है कि इस पूरी घटना में राज्य के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की प्रत्यक्ष भूमिका रही है और राज्य पुलिस बल का दुरुपयोग किया गया।
याचिका में ईडी ने अदालत से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही मुख्यमंत्री सहित उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कराई जाए, जो इस घटना में कथित रूप से शामिल बताए जा रहे हैं।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वकीलों ने ईडी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एजेंसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और राज्य सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य पुलिस की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह का दुरुपयोग नहीं किया गया।
इस मामले को लेकर अदालत परिसर के बाहर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पिछली सुनवाई के दौरान हुए हंगामे को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें भी इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।