फ्लोरा मैक्स: छत्तीसगढ़ की सियासत में मचा बवाल, कांग्रेस नेत्री ने कहा सार्वजनिक माफी मांगे मंत्री

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कोरबा.छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों “फ्लोरा मैक्स” कंपनी की ठगी के मामले को लेकर जबर्दस्त हलचल मची हुई है। हाल ही में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा दिए गए बयान के बाद यह मामला एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस नेत्री कुसुम द्विवेदी ने मंत्री देवांगन को तीखा जवाब देते हुए कहा कि मंत्री को महिलाओं से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उनका यह बयान सियासी बयानबाजी को और तेज कर गया है।

 

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फ्लोरा मैक्स कंपनी पर 500 महिलाओं से लगभग 120 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। यह कंपनी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का वादा करती थी, लेकिन अब ये महिलाएं भारी नुकसान का सामना कर रही हैं। पिछले दिनों इन महिलाओं ने मंत्री राम विचार नेताम और लखनलाल देवांगन के काफिले को रोक लिया था। इसके बाद मंत्री और पीड़ित महिलाओं के बीच तीखी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने सियासत में नया बवंडर खड़ा कर दिया।

 

फ्लोरा मैक्स का मायाजाल

2021-22 में कोरबा के सिटी सेंटर में फ्लोरा मैक्स कंपनी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रेंड किया था। इस कंपनी ने महिलाओं के नाम पर लोन निकलवाया और उनकी ट्रेनिंग भी करवाई। लेकिन यह हैरानी की बात है कि दस्तावेज़ पूरे नहीं होने के बावजूद लोन पास कर दिए गए, जिससे कुछ बैंक भी सवालों के घेरे में आ गए। अब तक इस मामले में छह रिकवरी एजेंट पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

चुनाव से पहले सियासी फायदा

हालांकि, महिलाओं की ठगी का मामला तो गंभीर है, लेकिन चुनावी समीकरणों में नेताओं ने इसे सियासी फायदे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। निकाय चुनावों के मद्देनजर नेताओं ने इस मुद्दे का राजनीतिक तौर पर खूब उपयोग किया है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के फ्लोरा मैक्स कंपनी के उद्घाटन में शामिल होने की खबर ने मामला और गर्मा दिया। इसके बाद पूर्व राजस्व मंत्री की पत्नी रेणु अग्रवाल की फोटो को फ्लोरा मैक्स से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे सियासी तूफान खड़ा हो गया।

आखिरकार, इस मामले की सच्चाई क्या है?

फ्लोरा मैक्स के इस घोटाले ने जहां महिलाओं के भविष्य को अंधकारमय बना दिया है, वहीं इस मुद्दे को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। क्या सच में कंपनी के पीछे कुछ सियासी ताकतें हैं या फिर यह सिर्फ एक बड़ी ठगी का मामला है? यह सवाल अब सभी के दिमाग में घूम रहा है।

अब यह देखना होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या मंत्री लखनलाल देवांगन अपने बयान पर माफी मांगते हैं या नहीं। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में तूफान मचा हुआ है।

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