Saturday, August 30, 2025

आस्था और विश्वास ! भारतीय संस्कृति में गणेशजी का स्थान सर्वोपरि है, श्रीगणेशाय नमः ! गणेशोंत्सव पर बालमन का प्रभाव

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न्यूज़ जांजगीर-चांपा । हमारी औक़ात क्या हैं कि हम आपको रुपए में खरीद सकें आपको घर बुलाने का नज़राना
के तौर पर एक कलाकार को कुछ तोहफ़े के रुप में देना ही पड़ता हैं ,
इसलिए कभी भी मत कहियेगा कि हम गणपति बप्पा खरीदने जा रहे हैं । एक तीन साल की नन्ही-सी बच्चीं शिवान्या ऊर्फ शिवी स्वर्णकार की ये बातें वास्तव में दिल को छूने वाली हैं । और हमें गणपति बप्पा के प्रति हमारी भावनाओं को सही तरीके व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता हैं ।

गणेश चतुर्थी का महत्व ।

गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना – भारतीय संस्कृति में भगवान गणेश जी का स्थान सर्वोपरि हैं । प्रत्येक शुभ मुहूर्त में सबसे पहले गणेश जी की ही पूजा-अर्चना की जाती हैं । गणेश चतुर्थी पर उन्हें घर में लाने के लिए विशेष तैयारियां की जाती हैं । नन्ही-सी परी शिवान्या स्वर्णकार अपने नाना। तथा साहित्यकार शशिभूषण सोनी के साथ गणेश जी की प्रतिमा लेने के लिए पहुंची ।

श्रद्धा और भक्त – गणेश उत्सव का त्यौंहार हमें श्रद्धा और भक्ति का महत्व सिखाता है। देवी-देवता भी अपने कार्यों की निविध्न पूर्णता के लिए गणेशजी की पूजा-अर्चना करते हैं तो मनुष्य की तो बात ही अलग हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि देवगणों ने स्वयं अग्र पूजा का विधान बनाकर उन्हें यह अधिकार दिया हैं । श्रद्धा और भक्ति से भरा यह गणेश चतुर्थी पर्व हर किसी के लिए शुभकारी हो ।

एकता और सौहार्द्र की भावना – गणेश चतुर्थी का यह पर्व हमें एकता और भाई-चारे व सौहार्द का संदेश देता हैं और हमें अपने समुदाय के लोगों के साथ मिलकर त्यौंहार मनाने का अवसर प्रदान करता हैं।

सुख , शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना – गणपति बप्पा से प्रार्थना है कि वे अपने सभी भक्तों को सुख,शांति और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें ।

आशीर्वाद और कृपा – गणपति बप्पा की कृपादृष्टि और आशीर्वाद से हम अपने जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं ।

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