Thursday, April 3, 2025

रोजाना अधिक नमक खाने के प्रभाव: स्वास्थ्य पर पड़ेगा गंभीर असर

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नमक न सिर्फ हमारे खानपान का, बल्कि स्वाद का भी एक अहम हिस्सा माना जाता है। इसके बिना कई पकवान फीके लगते हैं। स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिहाज से भी काफी अहम होता है। दरअसल, नमक शरीर में फ्लूइड बैलेंस, मसल्स फंक्शनिंग और नर्व सिग्नल को रेगुलेट करने में मदद करता है। हालांकि, किसी भी चीज की अति हमेशा से ही बुरी मानी गई है।
ऐसा ही कुछ नमक के साथ भी है। अगर ज्यादा मात्रा में नमक (Excess salt consumption) को डाइट में शामिल किया जाए, तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं, जिसे नजरअंदार करना सेहत के लिए हानिकारक (health risks of high salt) हो सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे एक दिन में कितना नमक खाना सही है और क्या होगा अगर आप रोजाना जरूरत से ज्यादा नमक खाएंगे (effects of too much salt)।

एक दिन में कितना नमक जरूरी?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की मानें, तो ए

ज्यादा प्यास लगना

अगर आप बहुत ज्यादा नमक खाते हैं, तो इससे आपके शरीर का फ्लूइड बैलेंस बाधित हो सकता है, जिससे डिहाइड्रेशन होता है और बैलेंस को बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा प्यास लगती है।

डल्ट्स को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक खाना चाहिए। इससे ज्यादा नमक की मात्रा सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर तय मात्रा से ज्यादा रोजाना नमक खाया जाए, तो इससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं ज्यादा नमक खाने से शरीर में होने वाले बदलाव

वॉटर रिटेंशन

आपकी किडनी सोडियम लेवल को संतुलित करने का काम करती हैं, जिससे फ्लूइड रिटेंशन और ब्लोटिंग होती है। ऐसे में ज्यादा नमक शरीर के अलग-अलग हिस्सों में पफीनेस और सूजन का कारण बन सकता है।

ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी

ज्यादा सोडियम आपके ब्लडस्ट्रीम में पानी खींचता है, जिससे खून की मात्रा बढ़ जाती है और इसके बाद आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण है। ज्यादा नमक दिल पर ज्यादा दबाव डाल सकता है, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है।

किडनी डैमेज

नमक फ्लूइड रिटेंशन को प्रभावित करके किडनी की फंक्शनिंग को बढ़ाता है। समय के साथ, यह किडनी की बीमारी का कारण बन सकता है या मौजूदा स्थितियों को और खराब कर सकता है।

हड्डियों के लिए हानिकारक

शरीर में सोडियम का हाई लेवल यूरिन के जरिए कैल्शियम एक्सक्रीशन को बढ़ाता है, जिससे संभावित रूप से कैल्शियम की कमी हो सकती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।

पेट के कैंसर का खतरा

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि ज्यादा नमक पेट की परत पर हानिकारक प्रभाव डाल सकती है, जिससे पेट के कैंसर के विकास का खतरा बढ़ सकता है।

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