Getting your Trinity Audio player ready...
|
कोरबा/छत्तीसगढ़ : नगर निगम कोरबा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मानिकपुर डिपरापारा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बने 10 मकानों और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया। वहीं, शेष 9 मकान मालिकों को दो दिन का समय दिया गया है कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें।
जमीन दलालों पर एफआईआर की मांग तेज.,..
स्थानीय लोगों और पीड़ित व्यक्तियों ने शासकीय जमीन को अवैध रूप से कब्जा कर लाखों रुपये में बेचने वाले जमीन दलाल मानिकपुर निवासी लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान, राजू सिमोन और सूरज चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग उठ रही है,ताकि भविष्य में कोई और मासूम परिवार ठगा न जाए। लोगों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जमीन बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे सामूहिक रूप से कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और जरुरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन करने की बात कह रहे हैं।
पीड़ितों की चीख-पुकार टूटा भरोसा जिंदगी की गई गाढ़ी कमाई….
कार्यवाही के दौरान जिन मकानों पर बुलडोजर चला, उनके मालिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्होंने यह जमीन रजिस्ट्री के नाम पर खरीदी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया की जमीन दलाल लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान और राजू सिमोन ने उन्हें झांसे में लेकर सरकारी जमीन को अपनी बताकर 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर रजिस्ट्री लिखा पढ़ी करा दी थी।
एक पीड़ित ने रोते हुए कहा-
“अब हम ना घर के रहे, ना घाट के” हमारी जीवन भर की मेहनत की कमाई चली गई। धोखा देकर हमें फंसा दिया गया। अब या तो हमें पैसा वापस चाहिए, या फिर हम कानून का सहारा लेंगे।” कार्यवाही के बाद जब पीड़ितों ने संबंधित आरोपियों से फोन पर संपर्क किया गया , लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।उनके घर जाकर भी देखा गया लेकिन कोई नहीं मिला।
जिला प्रशासन के जिम्मेदार विभाग पर खड़े हो रहें हैं सवाल…….
लोगों ने जिम्मेदार विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं जब जमीन दलालों द्वारा शासकीय जमीन लगभग एक एकड़ भूमि पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई और उसे प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे, तब प्रशासन कहां था? अब जब उस पर मकान बन गए हैं और लोग उसमें रह रहे हैं तो उसे तोड़ा जा रहा हैं, पीड़ितों को दोहरी सजा मिल रही है और मुख्य आरोपीयों पर प्रशासन मेहरबान हैं?
महिला पार्षद से बदसलूकी का मामला भी जुड़ा….
वार्ड नंबर 34 दादरखुर्द के महिला पार्षद सुनिता चौहान ने कुछ महीने पहले ही मौके पर जाकर बेजा कब्जा रोकने की कोशिश की थी। उस समय आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकी देकर भगा दिया था। पार्षद ने इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर, निगम, एसडीएम और तहसीलदार से की थी। बावजूद इसके समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जिसके फलस्वरूप जमीन दलालों ने शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा करके कई लोगों को लाखों रुपये में बेंच डाले।
प्रशासन की कार्यवाही और पुलिस बल की तैनाती सुबह करीब 10 बजे से ही मौके पर रही जिसमें नगर निगम के तोड़ू दस्ते, नायब तहसीलदार, पटवारी, जोन प्रभारी और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित रहे काफी बहस वाद- विवाद के बीच दोपहर तक कार्यवाही जारी रही और अंततः सरकारी भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराई गई।