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रायपुर/रावपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एडीईओ भर्ती परीक्षा में परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 15 जून को आयोजित इस परीक्षा में 2 लाख 22 हजार 403 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 14 अगस्त को नतीजे जारी किए गए, लेकिन परीक्षा में कई त्रुटियां सामने आईं।
जानकारी के अनुसार, 100 सवालों में से 21 प्रश्नों में विसंगति पाई गई। इनमें 12 सवालों को विलोपित करना पड़ा, छह सवालों में एक से अधिक उत्तर सही थे और तीन सवालों के अंतिम उत्तर बदल दिए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गलतियों से अभ्यर्थियों को गंभीर नुकसान हो सकता है, क्योंकि एक अंक का अंतर किसी अभ्यर्थी को चयन से वंचित कर सकता है।
विशेषज्ञ अंकित अग्रवाल ने कहा, “व्यापमं जैसी अनुभवी परीक्षा एजेंसी से बेहतर और त्रुटिरहित परीक्षा की अपेक्षा की जाती है। 21 प्रश्नों में विसंगति दुर्भाग्यजनक है और इससे अभ्यर्थियों का मेहनत व्यर्थ हो गई।”
विलोपित प्रश्नों में कुछ प्रमुख सवाल शामिल थे:
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गांधीजी द्वारा लार्ड इरविन को 1931 में प्रस्तुत 11 सूत्री मांगों में क्या शामिल था।
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भारत के प्रमुख पर्यावरणविद की पहचान।
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बस्तर जिले की तीन प्रमुख नदियां।
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पशुपालन के विकास के कालक्रम।
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हरित क्रांति हेतु आईसीआर के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए गेहूं पर शोध।
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ग्राम सभा के कार्य और पंचायती राज व्यवस्था में इसका महत्व।
परीक्षा के चार सेट में भी सवालों में विसंगतियां पाई गईं। उदाहरण के लिए सेट ए में सवाल संख्या 7, 15, 22, 25, 42, 47, 54, 64, 65, 67, 83 और 89 को विलोपित किया गया।
ज्ञात हो कि इस भर्ती में कुल 200 सहायक विकास विस्तार अधिकारी (एडीईओ) की नियुक्ति की जाएगी। विशेषज्ञों ने कहा कि आगे की परीक्षाओं में ऐसी खामियों को रोकने के लिए व्यापमं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।