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Delhi Blast , नई दिल्ली। दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट मामले के आतंकी मॉड्यूल की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मॉड्यूल में शामिल कुछ डॉक्टरों ने अपने पेशेवर पद का दुरुपयोग कर आतंकवाद के लिए धन और संसाधन जुटाए। जांच अधिकारियों के मुताबिक, सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में काम करने वाले डॉ. आदिल अहमद ने अपने वेतन और एडवांस सैलरी का हिस्सा आतंकियों के लिए विस्फोटक खरीदने में लगाया।
जांच के दौरान डॉ. आदिल की वॉट्सएप चैट भी सामने आई है, जिसमें वह अस्पताल प्रबंधन से एडवांस सैलरी की गुहार लगा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह चैट और डॉक्टरों की बैंकिंग डिटेल यह स्पष्ट प्रमाण हैं कि डॉक्टरों ने जानबूझकर अपने पेशेवर वेतन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टरों ने विस्फोटक सामग्री जुटाने के लिए लगभग 8 लाख रुपये अपनी सैलरी से आतंकियों को दिए। इस मामले में बैंकिंग रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। जांच एजेंसियों ने बताया कि डॉ. आदिल समेत अन्य डॉक्टरों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच अधिकारी ने कहा कि डॉक्टरों का यह कृत्य न केवल कानून की खुली अवहेलना है, बल्कि पेशेवर आचार संहिता और मानव जीवन की सुरक्षा के मूल सिद्धांतों का भी उल्लंघन है। दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और अभी तक कई अहम सबूत हाथ लगे हैं, जो इस आतंकी मॉड्यूल की व्यापक भूमिका को उजागर कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेशेवरों का इस तरह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।

