|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
Chhattisgarh weather , रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया है। प्रदेश के उत्तर और मध्य संभागों में सुबह-शाम घना कोहरा और सर्द हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले 3 से 4 दिनों में ठंड और ज्यादा बढ़ने वाली है। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे हाड़ कंपा देने वाली ठंड का एहसास होगा।
पुलिसकर्मियों को 5 हजार रुपये विशेष रिस्पांस एलाउंस देने की सिफारिश, कमेटी की रिपोर्ट सरकार को सौंपा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम बदला हुआ है। सरगुजा संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है, जहां रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। अंबिकापुर, मैनपाट और आसपास के इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता कम हो रही है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। सुबह और देर रात शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। रायपुर में सुबह-सुबह ठंडी हवाओं और हल्के कोहरे के कारण लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड के कारण सर्दी-खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, किसानों के लिए भी यह मौसम अहम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंड बढ़ने से कुछ फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड और कोहरा सब्जियों और रबी फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
आने वाले दिनों में अगर तापमान में और गिरावट होती है, तो शीतलहर का असर और तेज हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतें। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिन ठंड के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।