टोकन कटने की मांग पर खतरनाक विरोध
जानकारी के मुताबिक, अनिल सूर्यवंशी पिछले कई दिनों से धान टोकन कटने की प्रक्रिया को लेकर परेशान थे। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। शुक्रवार दोपहर, गांव के पास खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइन के टावर पर वह चढ़ गए। टावर के नीचे देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, समझाइश जारी
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बिजली विभाग और राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। टावर के आसपास आवाजाही रोकी गई। अधिकारी लाउडस्पीकर से किसान को नीचे उतरने की अपील करते रहे। काफी देर तक किसान टावर पर बैठा रहा। माहौल तनावपूर्ण रहा।
किसान की मजबूरी का तर्क
“मेरी पूरी फसल इसी टोकन पर निर्भर है। समय पर टोकन नहीं कटा तो नुकसान होगा। मेरी आर्थिक सुरक्षा इससे जुड़ी है।”
— अनिल सूर्यवंशी, किसान
स्थानीय असर और आगे की स्थिति
घटना के चलते आसपास के गांवों में चर्चा तेज रही। कई किसानों ने धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रशासन का कहना है कि मामला विकसित हो रहा है और टोकन से जुड़ी शिकायत की जांच की जा रही है। किसान को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी हैं।
