Chhattisgarh Crime News बस्तर, 5 नवंबर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में दो साल पहले हुए तांत्रिक हत्याकांड (Taantrik Hatya Kand) में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जादू-टोने के शक में एक सिरहा की पीट-पीटकर हत्या करने वाले छह आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, सभी आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला कोड़ेनार थाना क्षेत्र का है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
इस मामले की सुनवाई प्रधान सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े की अदालत में हुई। उन्होंने हत्या के दोषी पाए गए सभी छह आरोपियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। इसके अलावा अन्य धाराओं में 5 वर्ष, 1 वर्ष और 6-6 महीने के कठोर कारावास की सजा भी दी गई है।
सभी धाराओं में 100-100 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर प्रत्येक धारा के लिए 1-1 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
क्या है पूरा मामला?
करीब दो साल पहले बामन पोयाम नामक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। युवक की मौत के बाद गांव के कुछ लोगों ने यह मान लिया कि यह जादू-टोने का परिणाम है।
इसके बाद गांव के छह लोगों – मिट्टू पोयाम, सुखराम पोयाम, बुधराम पोयाम, सन्नू पोयाम, बुधराम पोयाम और सोमडू पोयाम – ने गांव के सिरहा (तांत्रिक) हिड़मो पोयाम पर जादू-टोने का आरोप लगाकर निर्ममता से पिटाई कर दी।
पीटाई इतनी बर्बर थी कि हिड़मो पोयाम की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान जब रामसुख मुचाकी और उसकी मां बुधो मुचाकी बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने उन्हें भी बेहरहमी से पीटा। बाद में आरोपियों ने हिड़मो पोयाम के शव को खेत में फेंक दिया था।
