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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) मेन्स 2025 के पैटर्न में बदलाव किया है। पेपर के सेक्शन बी में ऑप्शनल क्वेश्चन खत्म कर दिए हैं। अब सिर्फ पांच सवाल मिलेंगे, सभी को हल करना अनिवार्य होगा। पहले 10 सवाल मिलते थे, जिसमें से पांच क्वेश्चन हल करने होते थे। ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को एक ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी किया।
NTA ने कहा, कोविड-19 महामारी के दौरान स्टूडेंट्स पर दबाव कम करने के लिए एग्जाम में ऑप्शनल क्वेश्चन की शुरुआत की गई थी। यह 2021 में शुरू किया गया था और 2024 तक चला। अब अगले साल से इसके पैटर्न में बदलाव कर रहे हैं।
JEE Main 2025 के सेक्शन B में पेपर 1 (B.E./B. Tech), पेपर 2A (B. Arch), और पेपर 2B (B. Planning) में हर सब्जेकट में केवल पांच कंपल्सरी क्वेश्चन होंगे। कैंडिडेट को किसी भी विकल्प के बिना सभी पांच सवालों को हल करना होगा।
NTA ने आगे कहा कि JEE मेन्स 2025 के पहले फेज के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस जल्द शुरू होगा। इसकी डिटेल वेबसाइट पर जारी की जाएगी। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू होने के बाद एग्जाम पैटर्न के बारे में अधिक जानकारी दी जाएगी।
इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल लेवल पर एंट्रेंस एग्जाम JEE मेन्स में तीन पेपर होते हैं। इसमें फिजिक्स कैमिस्ट्री और मैथ्स होता है। तीन घंटे की परीक्षा में कुल 90 क्वेश्चन होते हैं। सभी के 30-30 सवाल होते हैं।
पेपर A में हर सब्जेकट में 20 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQs) होते हैं, जबकि पेपर बी में 10 न्यूमेरिकल क्वेश्चन होते हैं। अब नए पैटर्न के तहत सेक्शन बी में 10 से घटकर 5 सवाल होंगे और सभी क्वेश्चन कंपलसरी होंगे।
जेईई मेन्स एंट्रेंस एग्जाम के क्वेश्वन पेपर में अब विकल्प नहीं होने के कारण कैंडिडेट के लिए स्कोर करना पहले से मुश्किल होगा। इससे क्वालीफाइंग-कटऑफ में कमी जरूर आएगी।