Thursday, January 15, 2026

CG News : चिखली में ईंट भट्ठा ढहने से दो महिला मज़दूरों की मौत, बच्चा अस्पताल में भर्ती

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CG News : बालोद, 11 दिसंबर 2025। डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चिखली में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ स्थानीय ईंट भट्ठे में कार्यरत दो महिला मजदूरों की मिट्टी धंसने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में एक छोटा बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

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हादसा कैसे हुआ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मजदूर ईंट भट्ठे में नियमित कार्य कर रहे थे, तभी पानी टंकी के पास की मिट्टी अचानक धंस गई। मिट्टी के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक महिलाएं बलौदाबाजार जिले की रहने वाली थीं और अपने परिवार के साथ रोज़गार की तलाश में चिखली आई थीं।

भट्ठा संचालक पर सुरक्षा लापरवाही के आरोप

स्थानीय लोगों और मजदूरों ने ईंट भट्ठा संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सुरक्षा उपकरणों की पूरी तरह कमी

  • कार्यस्थल पर निरीक्षण और निगरानी का अभाव

  • मजदूरों का बिना पंजीयन के रोजगार

  • बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में रहने और भट्ठे में रहने को मजबूर करना

  • श्रम कानूनों की खुली अनदेखी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।

पुलिस, प्रशासन और माइनिंग विभाग की संयुक्त जांच शुरू

हादसे की सूचना मिलते ही डौंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को मलबे से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।कुछ ही देर बाद पुलिस प्रशासन और माइनिंग विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भट्ठा संचालक के पास कई आवश्यक दस्तावेज नहीं थे और सुरक्षा अनुपालन भी पूरा नहीं किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि —
“जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

गांव में आक्रोश, पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग

चिखली गांव में हादसे के बाद शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है:

  • मृतक महिलाओं के परिजनों को उचित मुआवजा

  • घायल बच्चे के इलाज की संपूर्ण व्यवस्था

  • भट्ठा मालिक पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को भट्ठे में काम कर रहे इन मजदूरों के आने की भी जानकारी नहीं थी, न वे पंजीकृत थे और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।

प्रदेश में अनियमित ईंट भट्ठों पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर इस मुद्दे को उजागर करती है कि प्रदेश के कई इलाकों में बिना पंजीकरण, बिना सुरक्षा प्रबंधन और बिना निरीक्षण के ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जो मजदूरों की जान को गंभीर खतरे में डालते हैं।

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