Saturday, January 17, 2026

CG NEWS : नक्सलियों की मदद करने वाले ग्रामीण की संदिग्ध मौत, CRPF कैंप में पेड़ से लटका मिला शव – परिवार ने हत्या का लगाया आरोप

Must Read
Getting your Trinity Audio player ready...

CG NEWS : बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बार फिर चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। तर्रेम थाना क्षेत्र स्थित वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप में एक ग्रामीण का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान 48 वर्षीय माड़वी भीमा, निवासी रेखापल्ली, के रूप में हुई है।भीमा पिछले कई महीनों से सुरक्षा बलों की नक्सल-विरोधी कार्रवाई में सहयोग कर रहा था। 5 दिसंबर को भी उसने जवानों की मदद से जंगलों में छिपाए गए IED और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

शहडोल में दुखद हादसा: बस ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक को कुचला, घटनास्थल पर ही मौत – चालक फरार

कैसे मिली ग्रामीण की लाश?

सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बल 6 दिसंबर को कैंप लौटा था और भीमा भी उनके साथ वापस आया था। रात को भोजन करने के बाद वह टहलने बाहर निकला, लेकिन कुछ देर बाद जवानों को उसका शव कैंप के बाहर पेड़ से तौलिए के सहारे लटका मिला। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 नक्सलियों की धमकी या कुछ और?

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों के बदले लेने की धमकी से माड़वी भीमा मानसिक तनाव में था और संभव है कि इसी डर में उसने यह कदम उठाया हो। 5 दिसंबर को हुए बड़े सर्च ऑपरेशन में उसकी सक्रिय भूमिका के बाद नक्सलियों की उस पर खास नजर थी। लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया।

 परिजनों का आरोप — “यह आत्महत्या नहीं, हत्या है”

मृतक के परिवार वालों ने साफ कहा है कि भीमा बेहद साहसी और सकारात्मक सोच का व्यक्ति था, इसलिए आत्महत्या की संभावना नहीं है। परिजनों का आरोप है कि—

  • घटना संदिग्ध है

  • हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया गया है

  • मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए

परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग की है।

 पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

बीजापुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

  • घटना स्थल का निरीक्षण

  • हर एंगल से जांच का आश्वासन

  • परिजनों के आरोपों की गंभीर पड़ताल

सीआरपीएफ, जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कैंप पहुंचकर पूरी परिस्थिति का जायज़ा ले चुके हैं।

 नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा सहयोगियों की बढ़ती खतरे की स्थिति

माड़वी भीमा की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।एक ओर सुरक्षा बलों के लिए ग्रामीण सहयोगी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, वहीं दूसरी ओर नक्सलियों का दबाव और बदले की नीति उनके जीवन को निरंतर खतरे में डालती है।भीमा की मौत से क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा की भावना गहरा गई है।

Latest News

IPS Jitendra Shukla : केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर NSG में एसपी स्तर के पद पर नियुक्ति

IPS Jitendra Shukla , रायपुर/दिल्ली। 2013 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में...

More Articles Like This