मैकेनिकल फेलियर या लापरवाही? ऊँचाई से गिरीं महिलाएं
हादसा उस वक्त हुआ जब आकाश झूला अपनी पूरी रफ्तार पर था। अचानक झूले का एक केबिन तकनीकी खराबी के कारण टूट गया। चश्मदीदों के मुताबिक, केबिन में सवार लोग सीधे लोहे के एंगल और फिर जमीन से टकराए। 3 महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद मेले में मौजूद भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और झूले को तत्काल सील कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है। झूला संचालक ने झूलों की फिटनेस जांच करवाई थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। शिवरीनारायण थाना पुलिस ने उमेश गुप्ता के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
“झूला अचानक तेज आवाज के साथ टूटा। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। प्रशासन को इन झूलों की पहले जांच करनी चाहिए थी। सुरक्षा के नाम पर यहाँ कुछ नहीं है।” — रामखिलावन, स्थानीय निवासी और चश्मदीद
