जगदलपुर: बस्तर की लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ इस बार इतिहास रचने जा रहा है। आगामी 7 फरवरी 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर के लालबाग मैदान में इस संभाग स्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर पूरे बस्तर संभाग में उत्साह का माहौल है और शासन-प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
सांस्कृतिक महाकुंभ: ‘बस्तर पंडुम’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित हो रहा ‘बस्तर पंडुम’ आदिम संस्कृति, कला, खान-पान और लोक परंपराओं का अनूठा संगम है। राष्ट्रपति मुर्मू यहाँ आदिवासी लोक नर्तकों, पारंपरिक शिल्पियों और स्थानीय समुदायों के बीच मौजूद रहेंगी। यह कार्यक्रम न केवल बस्तर की कला को बढ़ावा देगा, बल्कि यहाँ के पर्यटन और विकास की नई तस्वीर भी पेश करेगा।
8 साल का सूखा खत्म, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बस्तर के इतिहास में राष्ट्रपति मुर्मू ऐसी 5वीं राष्ट्रपति होंगी जो इस क्षेत्र का दौरा करेंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दंतेवाड़ा आए थे। 8 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए बस्तर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ‘नो फ्लाई ज़ोन’ और मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
प्रशासनिक अमला अलर्ट पर
जगदलपुर के लालबाग मैदान में बैठक व्यवस्था, यातायात रूट और मंच की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन लगातार समीक्षा बैठकें कर रहा है। संभागायुक्त और बस्तर आईजी स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। राष्ट्रपति के साथ कई केंद्रीय मंत्रियों और राज्य के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के भी शामिल होने की संभावना है।
