Saturday, January 17, 2026

CG NEWS : भारत स्काउट्स एंड गाइड्स विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, शासन को नोटिस

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CG NEWS : बिलासपुर। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य परिषद से जुड़े विवाद पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 फरवरी निर्धारित की है।

याचिका में बृजमोहन अग्रवाल ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राज्य परिषद अध्यक्ष पद से हटाए जाने की प्रक्रिया और निर्णय को चुनौती दी है। उनका कहना है कि उन्हें असंवैधानिक तरीके से पद से हटाया गया, जो संस्था के नियमों और प्रक्रियाओं के विरुद्ध है।

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शासन को रखना होगा पक्ष

हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब राज्य शासन को मामले में अपना पक्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। शासन के जवाब के आधार पर ही आगे की न्यायिक कार्रवाई तय की जाएगी।

जंबूरी स्थगन के फैसले से बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक 5 जनवरी को सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से जंबूरी आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने इस निर्णय को भ्रामक बताते हुए जंबूरी आयोजन यथावत रखने का फैसला किया।

इसी दौरान यह भी कहा गया कि बृजमोहन अग्रवाल वैधानिक रूप से राज्य परिषद के अध्यक्ष नहीं हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

आयोजन स्थल बदलने और वित्तीय अनियमितता का आरोप

बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि राज्य परिषद और कार्यकारिणी की अनुमति के बिना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जंबूरी आयोजन स्थल को बदलकर बालोद कर दिया गया। इसे संस्था के संविधान, नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन बताया गया।

सबसे गंभीर आरोप वित्तीय अनियमितता को लेकर लगाए गए। बताया गया कि जंबूरी आयोजन के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के खाते में जमा कराने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसे संस्था की स्वायत्तता में सीधा हस्तक्षेप और गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया।

अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी, जिस पर शासन के जवाब के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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