रायपुर।’ राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होते ही पुलिस का एक नया और आक्रामक रूप देखने को मिल रहा है। कानून-व्यवस्था को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। सिस्टम बदलते ही रायपुर पुलिस ‘एक्शन मोड’ में आ गई है, जिसका सीधा असर अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।
अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास रविवार को पुलिस ने मध्य जोन (Central Zone) में ‘विजिबल पुलिसिंग’ का जबरदस्त प्रदर्शन किया। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना और अपराधियों के मन में कानून का डर बिठाना था। पुलिस के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरे और पैदल पेट्रोलिंग करते हुए शहर का जायजा लिया।
इन इलाकों में गूंजे पुलिस के सायरन रविवार को चलाया गया यह विशेष चेकिंग अभियान शहर के प्रमुख रास्तों से होकर गुजरा। पुलिस की टीम ने पैदल पेट्रोलिंग करते हुए लंबा रूट कवर किया:
शुरुआत: जयस्तंभ चौक
रूट: मालवीय रोड सदर बाजार तात्यापारा पुरानी बस्ती बूढ़ेश्वर चौक चांदनी चौक।
समापन: कालीबाड़ी चौक
हिस्ट्रीशीटरों की परेड और सख्त हिदायत पेट्रोलिंग के दौरान केवल दिखावा नहीं हुआ, बल्कि पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसनी भी शुरू कर दी है।
गुंडों की क्लास: कई इलाकों में हिस्ट्रीशीटरों और निगरानी बदमाशों की परेड कराई गई। उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर कानून तोड़ा, तो अब खैर नहीं।
ट्रैफिक पर वार: बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों और संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी सघन तलाशी ली गई। पुलिस ने साफ कर दिया है कि रसूख या लापरवाही अब सड़क पर नहीं चलेगी।
अधिकारियों का कहना पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद पुलिस के पास त्वरित निर्णय लेने का अधिकार है। यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में हर जोन में इसी तरह की सख्ती देखने को मिलेगी ताकि शहर को अपराध मुक्त बनाया जा सके।
