Saturday, January 17, 2026

‘झूठी शिकायतों के दबाव में न आएं’, पद संभालने के बाद CEC ज्ञानेश कुमार की महत्वपूर्ण बातें

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नई दिल्ली। राजनीतिक दलों की ओर से मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर लगातार लगाए जा रहे नए-नए आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के चुनावी प्रक्रिया से जुड़े शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए है, कि वह राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें करें।
साथ ही उनके और से उठाए जा रहे मुद्दों को तत्परता से निपटाएं। आयोग ने यह निर्देश ऐसे समय दिए है, जब तृणमूल कांग्रेस की नेता व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर मुखर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सीईओ) के दो दिन के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये निर्देश दिए हैं।

बैठक में मौजूद थे सभी राज्यों के डीईओ

बैठक में सभी राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ ) और प्रत्येक राज्य से एक-एक मतदाता पंजीयन अधिकारी ( ईआरओ ) भी मौजूद थे। आयोग ने सभी राज्यों के सीईओ से 31 मार्च तक इस मुद्दे पर अमल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

पद संभालने के बाद पहली बार सीईओ सम्मलेन में बोले आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने के बाद ज्ञानेश कुमार पहली बार सभी राज्यों के सीईओ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के सीईओ व डीईओ से कहा है कि मुद्दों को निपटाने में तय नियम प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

झूठी शिकायतों पर दबाव में न आएं

आयोग ने इस दौरान बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) और चुनाव से जुड़े दूसरे अधिकारियों को इस बात के लिए प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए है, कि वह झूठी शिकायतों पर बिल्कुल भी दबाव में न आएं। साथ ही मतदाताओं के साथ शालीनता के साथ पेश आएं।

28 अलग अलग हितधारकों की पहचान

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के साथ चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डा विवेक जोशी ने सीईओ के साथ कई विषयों पर बातचीत की। जिससे चुनाव सुधारों से जुड़ी पहले भी शामिल है। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया से जुड़े 28 अलग-अलग हितधारकों की पहचान की गई है।

पांच मार्च को दिया जाएगा विषयों का ब्यौरा

जिनमें सीईओ, डीईओ व ईआरओ के साथ राजनीतिक दल, उम्मीदवार, मतदान एजेंट आदि शामिल हैं। बैठक में अलग-अलग सत्रों में प्रत्येक हितधारकों की क्षमता निर्माण की प्रक्रिया को और मजबूती देने पर विमर्श हुआ है। सम्मेलन के अंतिम दिन पांच मार्च को विमर्श में अंतिम रूप दिए गए विषयों का ब्यौरा दिया जाएगा।

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